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फर्रूखाबाद जेल बवाल: परिजनों से मिलने के लिए 200 रुपये वसूली, बंदियों ने बताया पांच हजार रुपये भी लेते हैं

Mon, 08 Nov 2021 10:55 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 08 Nov 2021 10:55 AM IST
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Farrukhabad jail ruckus: Outrage among prisoners due to deputy jailer style, special food was not prepared in jail on Diwali
फतेहगढ़ जेल में बवाल - फोटो : amar ujala
फर्रूखाबाद जेल के डिप्टी जेलर की कार्यशैली से बंदियों में नाराजगी है। आरोप है कि मुलाकात के एवज में 200 रुपये वसूले जाते हैं। दिवाली पर बंदियों के लिए स्पेशल भोजन भी नहीं बनाया गया। कैदी के मौत के बाद आक्रोश की चिंगारी भड़क गई। जिला जेल में तैनात डिप्टी जेलर शैलेश कुमार सोनकर की कार्यशैली के कारण बंदियों में गुटबाजी हो गई थी। बड़ी संख्या में बंदी नाराज थे। डिप्टी जेलर पर बंदियों से समान व्यवहार न करने का आरोप भी लगाया। जेल में एक माह में बंदी की चार मुलाकात कराई जाती हैं। बंदियों का आरोप था कि प्रत्येक मुलाकाती से दो सौ रुपये लिए जाते हैं। कोरोना के बाद दो वर्ष बाद परिजनों से मुलाकात शुरू हुई। किंतु वसूली के चलते सभी की मुलाकात नहीं हो पा रही है। बंदियों की नाराजगी बड़ी वजह यह भी है। जिला जेल में मशक्कत काटने के एवज में प्रति बंदी से पांच हजार रुपये लिए जाते हैं। मुलायजा में ड्यूटी लगवाने के लिए बंदी रक्षकों में होड़ रहती है। जेल की कैंटीन में सिगरेट, पान मसाले से लेकर सभी सामान आसानी से बंदियों को मिला जाता है।
Farrukhabad jail ruckus: Outrage among prisoners due to deputy jailer style, special food was not prepared in jail on Diwali
फर्रूखाबाद जेल बवाल: जेल में तैनात फाेर्स - फोटो : amar ujala
डेढ़ माह पहले भी बंदियों ने किया था विरोध
जिला जेल में डिप्टी जेलर की कारगुजारी के चलते डेढ़ माह पहले बंदियों ने नाश्ता व खाना खाने से इनकार कर दिया था। जानकारी होने पर जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जेलर अखिलेश कुमार ने बंदियों को किसी तरह समझा कर चार घंटे बाद मना लिया था। इसके बाद भी कई बंदियों ने खाना नहीं खाया था। 

 
Farrukhabad jail ruckus: Outrage among prisoners due to deputy jailer style, special food was not prepared in jail on Diwali
फर्रूखाबाद जेल बवाल: जेल में तैनात फाेर्स - फोटो : amar ujala
भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल 
जिला जेल से जमानत पर छूटे एक बंदी ने बताया कि जेल में भोजन की गुणवत्ता भी बहुत ही खराब है। अक्सर सब्जी में कीड़े निकलते हैं। आटा भी ठीक नहीं होता है। इससे रोटी सही नहीं बनती है। दाल के नाम पर पानी दिया जाता है, उसमें दाल बहुत ही कम होती है।

 
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Farrukhabad jail ruckus: Outrage among prisoners due to deputy jailer style, special food was not prepared in jail on Diwali
फर्रूखाबाद जेल बवाल: जेल में तैनात फाेर्स - फोटो : amar ujala
अस्पताल में इलाज और रेफर के लिए रिश्वत
जिला जेल के अस्पताल से बंदियों को बिना रिश्वत लिए हायर सेंटर में रेफर नहीं किया जाता है। कई बंदी ले देकर रेफर करा भी लेते हैं तो पुलिस लाइन से फोर्स नहीं मुहैया कराया जाता है। बंदी के परिजनों को पुलिस लाइन के गणना कार्यलय में जुगाड़ लगानी पड़ती है। इसके बाद ही फोर्स भेजा जाता है।

 
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फर्रूखाबाद जेल बवाल: जेल में तैनात फाेर्स - फोटो : amar ujala
करीब डेढ़ माह पूर्व मोहम्मदाबाद क्षेत्र का बंदी हाईड्रोशील की वजह से परेशान था। वह लोहिया अस्पताल भेजने के लिए जेल के अधिकारियों से गुहार लगाता रहा। लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। उसने बताया कि जेल के अस्पताल में बिना रुपये दिए किसी भी बंदी को इलाज नहीं मिलता है। उसका भी इलाज नहीं हो सका। जमानत पर बाहर आने पर इलाज कराया।
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