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मासूमों की सिसकियों से भी नहीं पिघला हैवान का दिल, जहां बच्चों को बंधक बनाया वहीं पीता रहा शराब
Fri, 31 Jan 2020 07:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 31 Jan 2020 07:54 AM IST
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फर्रुखाबाद में बंधक बनाए गए सभी 23 बच्चों को पुलिस ने 12 घंटे बाद छुड़ाया
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक सिरफिरे ने 21 बच्चों को बंधक बना रखा था। लखनऊ से करीब 200 किलोमीटर दूर मोहम्मदाबाद के कथरिया गांव में हुई घटना से पूरा प्रशासन हिल गया है और बच्चों को छुड़ाने के लिए कमांडो तक को बुलाना पड़ा।
बंधक बनाए गए सभी 23 बच्चों को पुलिस ने 11 घंटे बाद छुड़ाया
- फोटो : amar ujala
12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को बचाने के लिए पुलिस आरोपी के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। इसी दौरान आरोपी ने बचने के लिए पुलिस पर फायर किया जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया गया।
अपहरणकर्ता सुभाष बाथम
- फोटो : अमर उजाला
सुुुभाष ने बच्चों को अपने घर दोपहर को करीब दो बजे बुला लिया था। उसने कुछ बच्चों को बेटी के जन्म दिन पर टाफी खिलाने का लालच दिया तो किसी को घर में सजावट करने के बहाने बुला लिया। इसके बाद उसने किसी बच्चे को बाहर नहीं निकलने दिया। चार बजे तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे तो बच्चों के परिजनों को चिंता हुई।
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सिरफिरे ने 11 घंटों से 21 बच्चों को बना रखा बंधक
- फोटो : amar ujala
तभी उसने छत पर चढ़ कर हंगामा कर दिया। बताया गया कि सुभाष कुछ दिन पहले भी अपनी बेटी का जन्म दिन मना चुका है। सिगरेट पहुंचाने के दौरान उसकी आवाज से लगा रहा था कि वह और अधिक नशे में हो गया है। इससे आशंका जताई गई कि वह अंदर बैठा शराब पीता रहा।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
बच्चों को बंधक बनाने वाले ग्रामीण सुभाष ने बिस्कुट व सिगरेट की मांग पूरी होने के बाद देर रात प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की। वहां मौजूद अधिकारियों ने आवास दिए जाने का आश्वासन देकर बच्चों को मुक्त किए जाने बात कही, इसके बाद भी सुभाष ने बच्चों को मुक्त नहीं किया।