फर्रुखाबाद जिले में बाढ़ के पानी में जिंदगी बचाने के लिए जहां जंग छिड़ी है। वहीं स्वास्थ्य सेवाएं अपंग नजर आ रही हैं। बाढ़ से घिरे गांवों में हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद पड़े हैं। स्वास्थ्य शिविर लगते नहीं, नाव की सुविधा नहीं तो मरीज की जान बचाना चुनौती है। बेटी बीमार होने पर पिता ने उसे कंधे पर बिठाया। अपनी जान दांव पर लगाकर गले तक भरे बाढ़ के पानी से निकला। कस्बा पहुंचकर बेटी का उपचार कराया। कंपिल क्षेत्र के गांव मधवापुर निवासी सुनील की पुत्री एशिका (3) को काफी दिनों से बुखार आ रहा है।
Farrukhabad Flood: बाढ़ के पानी में जिंदगी की जंग, बेटी बीमार…पिता कंधे पर बिठाकर पहुंचा अस्पताल, देखें Photos
शिविर लगवाकर गांवों में दवा वितरित कराई जाएगी
बेटी को कंधे पर बिठाकर बाढ़ के पानी से निकलते सुनील का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसके अलावा बाढ़ग्रस्त गांव कारव, पथरामई, इकलहरा, सिंघनपुर, कैरई, हमीरपुर मजरा जात, नसरुल्लापुर, मिस्तनी आदि गांवों में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। कायमगंज सीएचसी प्रभारी डॉ.शोभित शाक्य ने बताया कि शिविर लगाने के लिए टीमें गठित हैं। तीन दिन से बिजली व्यवस्था गड़बड़ होने से टीमों से मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। गांवों में शिविर लगवाकर दवा वितरित कराई जाएगी।
गंगा के जलस्तर में 15 सेमी बढ़ोत्तरी
वहीं, जिले में पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश होने से गंगा का जलस्तर फिर उफान पर है। इससे खतरे का निशान मात्र 15 सेंटीमीटर दूर रह गया है। गांवों में जलभराव के साथ फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है। गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को 15 सेमी बढ़ोतरी होने से 136.80 मीटर से 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेमी ऊपर व खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र 15 सेमी दूर है। नरौरा बांध से 77233 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नाव का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा
जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप व राजेपुर डिप पर पानी चलने लगा है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो चित्रकूट डिप से वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। बाढ़ से घिरे गांव आशा की मड़ैया व उदयपुर में ग्रामीणों के लिए लेखपाल ने नाव लगाई, लेकिन नाविक न होने से वह दिखावा भर है। इससे ग्रामीणों को नाव का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा और वह बाढ़ के पानी में घुस कर निकलने को मजबूर है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्ते पर स्कूल के पास नाला है।
30 से अधिक गांवों में पहुंच गया है पानी
उसमें बाढ़ का पानी का तेजी से बह रहा है। जिसे पार करने में परेशानी हो रही है। गांव की आरती अपने छोटे पुत्र के साथ राजेपुर दवा लेने जा रही थीं। नाला पार करते समय पैर फिसल गया। गनीमत रही कि उनके पीछे आ रहे एक ग्रामीण ने हाथ पकड़ लिया, जिससे बड़ी घटना टल गई। बाढ़ का पानी क्षेत्र के करीब 30 से अधिक गांवों में पहुंच गया है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, अंबरपुर, सुंदरपुर, कुड़री सारंगपुर, रामप्रसाद नगला आदि कई गांव में तो घरों में पानी भर गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.65 मीटर से 20 सेमी बढ़कर 134.85 मीटर पर पहुंच गया है।