यूपी में कानपुर के घाटमपुर में गोपालपुर रोड रेलवे क्रासिंग के पास खड़े देसी आम के पेड़ पर समय से पहले फूल (बौर) लगी देख लोग हैरान हैं। सामान्य रूप से देसी आम के पेड़ पर फरवरी के मध्य से बौर आते हैं। बीते वर्ष क्षेत्र के शीतलपुर गांव में भी ऐसा मामला देखने को मिला था जहां दीपावली के मौके पर देसी आम के एक पेड़ पर फल लग गए थे।
2 of 5
आम का पेड़
- फोटो : अमर उजाला
गोपालपुर रोड क्रासिंग के पास आम के दो पुराने दरख्त हैं। इन्हीं में से एक पर बड़े पैमाने पर बौर लगे हैं। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि दिसंबर की शुरुआत में ही बौर लगनी शुरू हुई थी। अब पूरा पेड़ पीले रंग के बौर के गुच्छों से भरा है।
3 of 5
आम का पेड़
- फोटो : अमर उजाला
तिलहली गांव निवासी किसान ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानी और उमरी गांव निवासी हरीशंकर सचान ने बताया कि संकर (कलमी) आम के पेड़ों पर तो समय से पहले बौर लगती देखी गई है। लेकिन, देसी आम में ऐसा देखने को कभी नहीं मिला।
4 of 5
आम का पेड़
- फोटो : अमर उजाला
उद्यान निरीक्षक राकेश गोस्वामी ने बताया कि यह आश्चर्यजनक घटना है। देसी आम के पेड़ों पर बौर लगने का उचित समय फरवरी के मध्य सप्ताह से होता है।
5 of 5
आम का पेड़
- फोटो : अमर उजाला
जिला कृषि अधिकारी डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया कि देसी आम के पेड़ पर असमय बौर लगने की घटना ग्लोबल वार्मिंग का असर है। बताया कि इस वर्ष दिसंबर के महीने में तापमान सामान्य के आसपास रहा है। यह घटना बदलते ऋतु चक्र का नतीजा है।