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यूपी: रहस्य बनी फर्जी शिक्षिका अनामिका, दस्तावेजों में मिला एक और नाम, पुलिस ने की छानबीन तो सामने आया ये सच
Tue, 09 Jun 2020 08:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 09 Jun 2020 08:17 PM IST
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फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण ने तहलका मचा रखा है। हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मंगलवार को प्रयागराज के सोरांव गोहरी स्थित बालिका विद्यालय में नौकरी करने वाली अनामिका के दस्तावेजों की छानबीन के दौरान मिला रीना पुत्री चंद्रभान सिंह निवासी रजपालपुर कायमगंज के पते का निवास प्रमाण पत्र फर्जी है।
फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
इस गांव के प्रधान व ग्रामीणों ने फोटो देख पहचानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है इस नाम की युवती उनके गांव में रहती ही नहीं है। कोतवाली क्षेत्र के गांव रजपालपुर निवासी महिपाल सिंह की पुत्री सुप्रिया के कासगंज में अनामिका नाम से नौकरी करते पकड़े जाने के बाद सोमवार को प्रयागराज के सोरांव गोहरी स्थित बालिका विद्यालय में एक और शिक्षिका अनामिका नाम से नौकरी करते पाई गई।
फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : amar ujala
जब उसकी छानबीन की गई तो पता चला कि नौकरी के लिए उसने जो निवास प्रमाण पत्र दिया है वह ऑनलाइन जांच में रीना पुत्री चंद्रभान सिंह निवासी ग्राम रजपालपुर कायमगंज के नाम पर है। इससे यह तो साफ है कि जिस मास्टर माइंड शिक्षक ने सुप्रिया को नौकरी दिलाई है उसी ने रीना को भी प्रयागराज में नौकरी दिलाई।
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फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : amar ujala
इसीलिए उसके पास सुप्रिया के गांव का निवास प्रमाण पत्र मिला है। गांव रजपालपुर में रीना की फोटो दिखाकर जानकारी की गई तो ग्राम प्रधान अनिल गंगवार ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। साथ ही सुप्रिया के पिता ने भी फोटो देखी। उन्होंने भी उसे नहीं पहचाना।
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बीएसए कार्यालय में अनामिका शुक्ला से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज में अनामिका नाम से नौकरी करने वाली रीना भले ही रजपालपुर गांव की न हो, लेकिन उसके भी तार उसी मास्टरमाइंड शिक्षक से जुड़े लग रहे हैं, जिसने सुप्रिया को नौकरी दिलाई थी। रीना का नाम पता गांव रजपालपुर से तो तस्दीक नहीं हुआ, लेकिन आशंका जताई जा रही है वह कायमगंज के किसी आसपास गांव की हो सकती है।