फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बॉडी बनाने के चक्कर में गल रहा है आपका शरीर, ये हैं 5 बड़ी वजह

Mon, 19 Mar 2018 01:13 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 19 Mar 2018 01:13 PM IST
विज्ञापन
disadvantages of supplements for bodybuilding
डेमाे पिक
आज हर युवा चाहता है कि लंबा कद , चौड़ी छाती, दमदार बाजू,सिक्स पैक्स एब्स हों, और वह इसको पाने लिए हर संभव प्रयास करता है। इसके लिए वह कभी-कभी शार्टकट भी अपनाने की सोचता है। शरीर बनाने के लिए ये शार्ट कट कितने नुकसानदेह हो सकते हैं इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। सेहत को सही रखना चाहते हैं तो पढ़ें रिपोर्ट...

 

 

disadvantages of supplements for bodybuilding
डेमाे पिक
कानपुरः रविवार को मुंबई के टीएन मेडिकल कालेज व नायर हॉस्पिटल के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर एवं इटर्नल हॉस्पिटल जयपुर के डॉ. राजीव भार्गव ने बताया कि उनके पास ऐसे कई युवा आए, जिनके कूल्हे छह-सात महीने ही ऐसी दवाएं खाने से खराब हो गए। उन्होंने ऐसी दवाओं, स्टेरॉयडयुक्त आयुर्वेदिक भस्मों, शराब, धूम्रपान न करने की सलाह दी।
 

 

disadvantages of supplements for bodybuilding
डेमाे पिक
तमाम युवा जिम में वर्जिश करने के साथ ही जल्दी एट एब्स, बॉडी बनाने के चक्कर में स्टेरायडयुक्त दवाएं खाने लगे हैं। ऐसी दवाओं से कूल्हे खराब हो रहे हैं। युवाओं को ऐसी दवाओं से दूर रहना चाहिए।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
disadvantages of supplements for bodybuilding
डेमाे पिक
यूपी आर्थोप्लास्टी सोसाइटी की तरफ से आयोजित ‘10 वें कॉनपोर आर्थोप्लास्टी कोर्स-2018’ के दूसरे दिन डॉ. राजीव भार्गव ने बताया कि अब 70 हजार से एक लाख रुपये में भी कूल्हा बदलने लगा है। इस पैकेज में सीमेंटेड कूल्हा लगाया जाता है। यह कूल्हा भी आधुनिक कूल्हों की तरह काम करता है। बुजुर्गों को इस तरह का कूल्हा लगवाने को प्राथमिकता दी जाती है। सीमेंटेड हिप 15-20 साल चलते हैं।

 

विज्ञापन
disadvantages of supplements for bodybuilding
डेमाे पिक

अर्टमिस हॉस्पिटल, गुड़गांव के आर्थोस्कोपी एवं आर्थोप्लास्टी विभाग के निदेशक डॉ. आईपीएस ओबेरॉय ने बताया कि अब टाइटेनियम से भी अच्छी धातु टेटनम के कृत्रिम कूल्हे (कप्स) आ गए हैं। ये 30-35 साल तक चलते हैं। देश के नंबर-वन कूल्हा प्रत्यारोपण विशेषज्ञ माने जाने वाले अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई के डॉ. विजय बोस ने यहां अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में एक ऐसे मरीज के दोनों कूल्हे बदले।

 

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed