{"_id":"6aa599400cf8c1b5d10f42b0","slug":"kanpur-advocate-dinu-upadhyay-released-from-sonbhadra-jail-after-16-months-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: अधिवक्ता दीनू उपाध्याय 16 माह बाद सोनभद्र जेल से रिहा, विभिन्न अपराधों में 23 मुकदमे हैं दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: अधिवक्ता दीनू उपाध्याय 16 माह बाद सोनभद्र जेल से रिहा, विभिन्न अपराधों में 23 मुकदमे हैं दर्ज
Sat, 12 Sep 2026 11:56 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 12 Sep 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
अधिवक्ता दीनू उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को सोनभद्र जेल से रिहा हो गया। दीनू पिछले 16 महीनों से जेल में बंद था। सुरक्षा कारणों से पिछले साल उसे सोनभद्र जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में विभिन्न अपराधों में 23 मुकदमे दर्ज हैं।
ऑपरेशन महाकाल के दौरान पिछले साल कई अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की गई थी। इसमें नवाबगंज निवासी दीनू उपाध्याय का नाम भी शामिल था। बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में उसका नाम सामने आने पर 9 मई 2025 को दीनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ एक के बाद एक कई रंगदारी से संबंधित मुकदमे दर्ज हुए थे। विभिन्न मुकदमों के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पिछले कुछ महीनों में एक-एक कर उसे सभी मुकदमों में जमानत मिल गई थी। कुछ मुकदमों में वह न्यायालय से बरी भी हो चुका है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जमानत न मिल पाने के कारण वह जेल से रिहा नही हो पा रहा था। पिछले दिनों हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। जमानतें दाखिल करने के बाद आखिर शनिवार को उसे सोनभद्र जेल से रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
ऑपरेशन महाकाल के दौरान पिछले साल कई अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की गई थी। इसमें नवाबगंज निवासी दीनू उपाध्याय का नाम भी शामिल था। बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में उसका नाम सामने आने पर 9 मई 2025 को दीनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ एक के बाद एक कई रंगदारी से संबंधित मुकदमे दर्ज हुए थे। विभिन्न मुकदमों के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पिछले कुछ महीनों में एक-एक कर उसे सभी मुकदमों में जमानत मिल गई थी। कुछ मुकदमों में वह न्यायालय से बरी भी हो चुका है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जमानत न मिल पाने के कारण वह जेल से रिहा नही हो पा रहा था। पिछले दिनों हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। जमानतें दाखिल करने के बाद आखिर शनिवार को उसे सोनभद्र जेल से रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन