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यूपीः हरदोई के स्वाधार गृह संचालक और अधीक्षक पर जालसाजी की रिपोर्ट 

Tue, 07 Aug 2018 11:56 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 07 Aug 2018 11:56 PM IST
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Report of counterfeiting on  child and women care officers
स्वाधार गृह में मौजूद मिली महिला से बयान लेते तहसीलदार पंकज सक्सेना और कोतवाल सुभाष चंद्र सरोज।
हरदोई बेनीगंज कस्बे के कृष्णानगर में संचालित स्वाधार गृह के संचालक और अधीक्षक पर डीपीओ की तहरीर पर बेनीगंज कोतवाली में जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सोमवार को डीएम ने निरीक्षण में 21 महिलाओं की जगह दो ही के मिलने पर संस्था का वेतन रोकने की संस्तुति की थी। बेनीगंज कस्बे में आयशा ग्रामोद्योग संस्थान की ओर से स्वाधार गृह का संचालन किया जा रहा था। सोमवार को जिलाधिकारी पुलकित खरे ने यहां का औचक निरीक्षण किया था। 21 महिलाओं के नाम-पते यहां के रजिस्टर में दर्ज मिले, लेकिन जब डीएम ने इन महिलाओं को बुलाने को कहा तो सिर्फ दो महिलाएं ही मौजूद मिलीं। डीएम ने प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार से उक्त संस्था को ब्लैक लिस्टेड किए जाने के साथ ही अनुदान रोके जाने के संबंध में भी संस्तुति कर दी।

 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- कोतवाली में एफआईर दर्ज...

 
Report of counterfeiting on  child and women care officers
हरदोई - फोटो : SELF
डीएम के निर्देश पर मंगलवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने आयशा ग्रामोद्योग संस्थान के संचालक मोहम्मद रजी और स्वाधार गृह की अधीक्षक आरती के विरुद्ध बेनीगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी। प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि फर्जीवाड़े और जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच के बाद आवश्यकता पड़ने पर दोबारा तहरीर दी जाएगी।  
 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- मौजूद महिलाओं ने तहसीलदार के सामने खोली संस्था की पोल .... 
Report of counterfeiting on  child and women care officers
स्वाधार गृह में रजिस्टर देखते हरदोई के डीएम पुलकित खरे।
मंगलवार को जिलाधिकारी पुलकित खरे ने तहसीलदार संडीला पंकज सक्सेना को दोबारा स्वाधार गृह का निरीक्षण करने भेजा। वह महिला पुलिस और बेनीगंज के प्रभारी निरीक्षक सुभाषचंद्र सरोज के साथ स्वाधार गृह पहुंचे। स्वाधार गृह के संचालकों और अधीक्षक ने दावा किया कि 13 महिलाएं जो कि नैमिषारण्य गई हुई थीं, वह लौट आईं हैं। इस पर तहसीलदार ने इन महिलाओं से पूछताछ शुरू की। महिलाओं ने तहसीलदार को बताया कि वह लोग यहां नहीं रहती हैं। अधीक्षक आरती और नीरू तिवारी उन्हें कस्बे से ही बुलाकर लाईं हैं। कुछ महिलाएं आसपास के गांव की भी थीं। तहसीलदार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह गोपनीय जांच करने आए हैं और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे। मीडिया के सवालों से तहसीलदार लगातार बचते रहे।  

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- संस्था को मिले अनुदान का विभाग के पास हिसाब नहीं ... 
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Report of counterfeiting on  child and women care officers
डेमो पिक
हरदोई के जिलाधिकारी पुलकित खरे ने महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों से आयशा ग्रामोद्योग संस्थान को वर्ष 2001 से अब तक मिले अनुदान के बारे में ब्योरा मांगा था। विभाग से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी दिन भर इस ब्योरे की तलाश विभागीय कार्यालय में करते रहे, लेकिन विभाग के पास कोई ब्योरा नहीं मिला। विभाग के पास सिर्फ 4 लाख 40 हजार 550 रुपये संस्था को नवंबर 2017 में दिए जाने का ही जिक्र है। अब आशंका जताई जा रही है कि कहीं सुनियोजित ढंग से तो ब्योरा गायब तो नहीं किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस और एफआईआर दर्ज कराने की व्यस्तता रही। ब्योरा तलाशा जा रहा है। मिलते ही इसे डीएम के पास भेज दिया जाएगा।
 
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