यूपी के चित्रकूट जिले में एक अनाेखा मामला देखने में अाया है। यहां पुलिस ने एक युवक काे डाकुअाें की मदद करने के लिए हिरासत में लिया है वहीं युवक की पत्नी का कहना है की वह पुलिस का मददगार व मुखबिर है। जानिए क्या है पूरा मामला।
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प्रशस्ति पत्र दिखाती विवेक की पत्नी रेखादेवी
बबुली कोल गैंग की मदद करने में विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को एक और मोड़ सामने आया। मानिकपुर पुलिस ने निही गांव निवासी विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन पुत्र रामनिवास को डाकू बबुली कोल गैंग को खाद्य सामग्री पहुंचाने व अन्य मदद करने के आरोप में पकड़कर जेल भेज दिया। बबुली कोल पर साढे़ पांच लाख का इनाम है। उसकी पत्नी रेखा देवी ने बताया कि डकैतों के खिलाफ पुलिस की मदद करने का इनाम मिला है।
बबुली व लवलेश जैसे डाकू से दुश्मनी लेकर उनके परिवार ने पुलिस को जंगल तक पहुंचाया। डाकुअाें से मुठभेड़ में कई सफलताएं दिलाईं। इसके बदले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने पुलिस प्रशस्ति पत्र भी दिया है। नए एसपी के अाने पर उसके पति को फर्जी तरीके से पकड़कर मानिकपुर थाने में रखा गया। उसकी पिटाई की जा रही है। जबरन डाकुओं का मददगार साबित करने के प्रयास में जेल भेज दिया है।
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बाबुली काेल गैंग की तलाश में खाक छानती पुलिस
आरोप लगाया कि कुछ लोग एसटीएफ के इशारे पर पुलिस अधिकारियों को परेशान कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग एसटीएफ के लिए मुखबिरी करते हैं। एसपी मनोज कुमार झा ने कहा कि डकैतों की मदद करने में ही विवेक उर्फ मधुसूदन को जेल भेजा गया है। पुलिस का मददगार व मुखबिर होने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि किसी काम के लिए उसे पुलिस प्रशस्ति पत्र मिला हो।