फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अांखाें में अांसू लिए महिला पहुंची थाने, कहा साहब मेरे पति डाकुअाें की नहीं पुलिस की मदद करते हैं

Mon, 02 Apr 2018 08:56 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 02 Apr 2018 08:56 PM IST
विज्ञापन
police arrested man who helped babuli kol gang
बाबुली काेल की मदद करने का अाराेपी विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन
यूपी के चित्रकूट जिले में एक अनाेखा मामला देखने में अाया है। यहां पुलिस ने एक युवक काे डाकुअाें की मदद करने के लिए हिरासत में लिया है वहीं युवक की पत्नी का कहना है की वह पुलिस का मददगार व मुखबिर है। जानिए क्या है पूरा मामला।  
police arrested man who helped babuli kol gang
प्रशस्ति पत्र दिखाती विवेक की पत्नी रेखादेवी
बबुली कोल गैंग की मदद करने में विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को एक और मोड़ सामने आया। मानिकपुर पुलिस ने निही गांव निवासी विवेक कुमार उर्फ मधुसूदन पुत्र रामनिवास को डाकू बबुली कोल गैंग को खाद्य सामग्री पहुंचाने व अन्य मदद करने के आरोप में पकड़कर जेल भेज दिया। बबुली कोल पर साढे़ पांच लाख का इनाम है। उसकी पत्नी रेखा देवी ने बताया कि डकैतों के खिलाफ पुलिस की मदद करने का इनाम मिला है।

 
police arrested man who helped babuli kol gang
विवेक की पत्नी रेखादेवी
बबुली व लवलेश जैसे डाकू से दुश्मनी लेकर उनके परिवार ने पुलिस को जंगल तक पहुंचाया। डाकुअाें से मुठभेड़ में कई सफलताएं दिलाईं। इसके बदले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने पुलिस प्रशस्ति पत्र भी दिया है। नए एसपी के अाने पर उसके पति को फर्जी तरीके से पकड़कर मानिकपुर थाने में रखा गया। उसकी पिटाई की जा रही है। जबरन डाकुओं का मददगार साबित करने के प्रयास में जेल भेज दिया है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
police arrested man who helped babuli kol gang
बाबुली काेल गैंग की तलाश में खाक छानती पुलिस
आरोप लगाया कि कुछ लोग एसटीएफ के इशारे पर पुलिस अधिकारियों को परेशान कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग एसटीएफ के लिए मुखबिरी करते हैं। एसपी मनोज कुमार झा ने कहा कि डकैतों की मदद करने में ही विवेक उर्फ मधुसूदन को जेल भेजा गया है। पुलिस का मददगार व मुखबिर होने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि किसी काम के लिए उसे पुलिस प्रशस्ति पत्र मिला हो।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed