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एक गलती और तहस-नहस हो गया कुलदीप सिंह सेंगर का 25 सालों का साम्राज्य, अब पत्नी को आएंगी ये मुश्किलें

Mon, 23 Dec 2019 04:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 23 Dec 2019 04:51 PM IST
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Kuldeep Sengar case: After punishment, difficulties will increase for wife in Panchayat elections
कुलदीप सिंह सेंगर
उन्नाव के कुलदीप सेंगर को उम्रकैद की सजा होने और देवर मनोज सेंगर की मौत के बाद अब जिला पंचायत का कामकाज संभालने में संगीता सेंगर की मुश्किलें बढ़ेंगी। अगले वर्ष 2020 के अक्तूबर महीने में जिला पंचायत के चुनाव संभावित हैं। पिछले चुनाव में पति और देवर ने जिला पंचायत चुनाव का पूरा प्रबंधन संभाला था।


 
Kuldeep Sengar case: After punishment, difficulties will increase for wife in Panchayat elections
कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : amar ujala
ऐसे में आने वाले चुनाव में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वर्ष 2015-16 में जिला पंचायत चुनाव के दौरान कुलदीप सेंगर सपा से भगवंतनगर से विधायक थे। उन्होंने पार्टी से बगावत कर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव मैदान में उतारा था।
Kuldeep Sengar case: After punishment, difficulties will increase for wife in Panchayat elections
कोर्ट से बाहर निकलकर गाड़ी में बैठते विधायक कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : अमर उजाला
सत्ता दल से विरोध लेने के बाद भी उन्होंने अपने भाई मनोज सेंगर के साथ मिलकर ऐसी मोर्चेबंदी की थी कि सत्ता दल समर्थित प्रत्याशी ज्योति रावत को हार का सामना करना पड़ा था। संगीता सेंगर के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद उनके पति कुलदीप सेंगर ही अंदरखाने जिला पंचायत का काम काज देखते थे।
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Kuldeep Sengar case: After punishment, difficulties will increase for wife in Panchayat elections
कुलदीप सिंह सेंगर
उनके जेल जाने के बाद छोटे भाई मनोज सेंगर ने जिम्मेदारी संभाली और भाभी की मदद करते रहे। लेकिन बीती 26 अक्तूबर को उनका दिल्ली में देहांत हो गया। शुक्रवार को कुलदीप सेंगर को उम्रकैद की सजा होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष को काम काज संभालने में मुश्किलें जरूर आएंगी। सबसे बड़ी चुनौती अगले चुनाव में कुर्सी बचाए रखने की होगी।
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Kuldeep Sengar case: After punishment, difficulties will increase for wife in Panchayat elections
कुलदीप सिंह सेंगर
समर्थक बोले कोई मुश्किल नहीं, जनता सब जानती है

हालांकि परिजनों व समर्थकों का कहना है कि जिला पंचायत चुनाव हो या कोई अन्य चुनाव कोई मुश्किल नहीं होगी। जिले की जनता काम और सच्चाई से बखूबी वाकिफ है। परिजनों ने कहा कि कुलदीप सेंगर चुनावों में खड़े जरूर हुए लेकिन चुनाव क्षेत्र की जनता ने खुद लड़ा। इसी का नतीजा रहा कि उन्हे हर बार जीत मिली। समर्थकों का मानना है कि चुनाव कोई भी हो सेंगर के परिवार या परिचित के लिए जनता खुद भी भारी जनसमर्थन जुटाएगी।
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