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कानपुर: हिंसा के बाद आसमान से रखी जा रही नजर, पुलिस वीडियो फुटेज से जुटा रही उपद्रवियों की तस्वीरें
Mon, 23 Dec 2019 04:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 23 Dec 2019 04:31 PM IST
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एडीजी प्रेम प्रकाश हिंसा के बाद लोगों को समझाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के यतीमखाना में छतों पर पत्थर-कांच की बोतलें इकट्ठा किए जाने की आशंका पर पुलिस ने नाइट विजन और हाई रेजोल्यूशन कैमरों से लैस ड्रोन मंगा लिए हैं। यतीमखाना-परेड और आसपास के इलाकों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। साथ ही इलाके में लगे कैमरों की मदद से मॉडर्न कंट्रोल रूम से भी निगहबानी की जा रही है। इलाके में लगे कैमरों की मदद से संदिग्धों पर नजर है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हैलट में तैनात रही फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को यतीमखाना में हुई हिंसा में पुलिस पर छतों से भी पत्थर चलाए गए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए घनी आबादी वाले इलाकों की निगरानी के लिए चारों तरफ घूमकर वीडियो बनाने वाले हाई रेजोल्यूशन डोम कैमरों से लैस ड्रोन मंगवाए गए हैं। इनमें नाइट विजन की भी सुविधा है। ये अंधेरे में भी बिल्कुल साफ तस्वीर खींचते हैं।
आईजी मोहित अग्रवाल ने घूम घूम कर लोगों को समझाते हुए शांत रहने की अपील की
- फोटो : अमर उजाला
सघन चेकिंग के बाद ही मिल रही एंट्री
यतीमखाना और परेड चौराहे से जुड़ने वाली हर सड़क पर बैरीकेडिंग कर चेकिंग पाइंट बना दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में बिना चेकिंग एंट्री नहीं दी जा रही है। वाहनों के साथ-साथ राहगीरों की भी तलाशी ली जा रही है। संदिग्धों के पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड) देखे जा रहे हैं। खुद को स्थानीय निवासी बताने पर क्षेत्र में रहने वाले लोगों से इस बात की पुष्टि की जा रही है कि वे इलाके में रहते हैं कि नहीं।
यतीमखाना और परेड चौराहे से जुड़ने वाली हर सड़क पर बैरीकेडिंग कर चेकिंग पाइंट बना दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में बिना चेकिंग एंट्री नहीं दी जा रही है। वाहनों के साथ-साथ राहगीरों की भी तलाशी ली जा रही है। संदिग्धों के पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड) देखे जा रहे हैं। खुद को स्थानीय निवासी बताने पर क्षेत्र में रहने वाले लोगों से इस बात की पुष्टि की जा रही है कि वे इलाके में रहते हैं कि नहीं।
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जाजमऊ में तैनात फोर्स के जवान
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो फुटेज-तस्वीरें जुटाई जा रहीं
रविवार को अफसरों की कई टीमें बनाई गई हैं, जो उपद्रव करने वालों की पहचान के लिए वीडियो और तस्वीरें जुटाने में लगाई गई हैं। दरअसल, बवाल के दौरान कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाए थे। तस्वीरें खींचीं थीं। उनसे संपर्क कर फोटो व वीडियो हासिल किए जा रहे हैं।
रविवार को अफसरों की कई टीमें बनाई गई हैं, जो उपद्रव करने वालों की पहचान के लिए वीडियो और तस्वीरें जुटाने में लगाई गई हैं। दरअसल, बवाल के दौरान कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाए थे। तस्वीरें खींचीं थीं। उनसे संपर्क कर फोटो व वीडियो हासिल किए जा रहे हैं।
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वीडियो फुटेज से उपद्रवियों को पहचानने में लगी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तस्वीरें साफ कराएंगे
उपद्रवियों की शिनाख्त करके धरपकड़ की जाएगी। जो वीडियो या तस्वीरें साफ नहीं हैं, उन्हें फोरेंसिक लैब, लखनऊ भेजा जाएगा, ताकि उनमें आए चेहरों को स्पष्ट किया जा सके।
उपद्रवियों की शिनाख्त करके धरपकड़ की जाएगी। जो वीडियो या तस्वीरें साफ नहीं हैं, उन्हें फोरेंसिक लैब, लखनऊ भेजा जाएगा, ताकि उनमें आए चेहरों को स्पष्ट किया जा सके।