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जब फर्जीवाड़ा फैलाने वाले दराेगा जी खुद फस गए अपने ही जाल में, जिसने भी सुनी यह कहानी हाे गया हैरान

Fri, 23 Mar 2018 04:27 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 23 Mar 2018 04:27 PM IST
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14 man trapped in fake police case in up
डेमो पिक
यूपी के बांदा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने अाया है। यहां एक दराेगा ने अज्ञात लाेगाें के खिलाफ एफअाईअार लिख कर उसमें कुछ एेसे लाेगाें के नाम शामिल कर दिये जाे प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में शामिल ही नहीं थे। 

 



 

14 man trapped in fake police case in up
डेमो पिक
प्रदर्शन और तोड़फोड़ मामले में 14 लोगों को फर्जी फंसाने पर विवेचक दरोगा फंस गए हैं। डीआईजी ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को लिखित निर्देश दिए हैं। आरोपी दरोगा इन दिनों बांदा शहर कोतवाली में तैनात है। बबेरू निवासी युवक रोहित सिंह पिछले वर्ष गायब हो गया था। इस पर उसके परिजनों समेत पड़ोसी गांव अलिहा, पेस्टा, धनसौल आदि गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर तोडफ़ोड़ कर दी थी।

 

 

14 man trapped in fake police case in up
डेमो पिक

तत्कालीन मुरवल चौकी प्रभारी छोटेलाल पटेल ने बबेरू कोतवाली में राकेश सिंह व छत्रपाल साहू सहित लगभग 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच कोतवाली के तत्कालीन उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने को सौंपी गई। उन्होंने विवेचना में 14 ऐसे लोगों के नाम शामिल कर दिया जो प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। वह उस समय मुंबई में थे। उन्हें तब जानकारी हुई तब उनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल हो गई।

 

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14 man trapped in fake police case in up
डेमो पिक

आरोपी बनाए गए इफ्तिखार व इरफान ने डीआईजी से मिलकर हकीकत बताई और गलत विवेचना का आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की। डीआईजी मनोज तिवारी द्वारा कराई गई जांच में उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। इस पर डीआईजी ने बुधवार को एसपी को पत्र भेजकर उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

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14 man trapped in fake police case in up
डेमो पिक
डीआईजी के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) केपी दुबे ने इसकी पुष्टि की। गौरतलब है कि उक्त दरोगा इन दिनों बांदा शहर कोतवाली के मर्दन नाका चौकी प्रभारी हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि फिलहाल उन्हें पत्र नहीं मिला है। मिलने पर जरूर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि विवेचना में मनमानी का मामला गंभीर है।
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