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Panchkula News: अंगदान के बाद जीवनरक्षक अंगों के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर
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ब्रेन डेड महिला के अंगदान की परिवार ने दी सहमति, पंचकूला पुलिस ने कुछ ही मिनटों में तैयार किए ग्रीन कॉरिडोर
एक किडनी रोहतक और हृदय चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चंडीमंदिर स्थित कमांड अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित 30 वर्षीय महिला संजू गुर्जर के अंगदान की परिवार की ओर से सहमति दिए जाने के बाद जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पंचकूला पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाए। अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए कुछ ही मिनटों में यातायात व्यवस्था तैयार की गई। एक किडनी को पीजीआईएमएस रोहतक और हृदय को चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। इसके लिए अलग-अलग मार्गों पर यातायात नियंत्रित कर एंबुलेंस को बिना रुकावट निकालने की व्यवस्था की गई।
पुलिस के अनुसार, कमांड अस्पताल से एक किडनी पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाई जानी थी। इसके लिए चंडीमंदिर से पंचकूला होते हुए रोहतक तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं, हृदय को चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए दूसरा ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। यहां से फोर्टिस अस्पताल की हार्ट रिट्रीवल टीम अंग को आगे निर्धारित अस्पताल तक ले गई।
पंचकूला पुलिस ने चंडीमंदिर से पुराने पंचकूला होते हुए जीरकपुर बॉर्डर तक यातायात को नियंत्रित किया। दोनों मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के निकालने की व्यवस्था की गई।
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रात करीब नौ बजे ब्रेन डेड घोषित किया
संजू गुर्जर को कमांड अस्पताल चंडीमंदिर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार रात करीब नौ बजे उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इसके बाद अस्पताल की टीम ने परिजनों को अंगदान की संभावना के बारे में जानकारी दी। ब्रेन डेड की पुष्टि होने के बाद महिला के पति सनावर लाल और परिवार के सामने सबसे कठिन निर्णय था। परिजनों ने आपसी सहमति से अंगदान का फैसला लिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय शुरू किया। अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाना चुनौती थी। इसके लिए अलग-अलग मार्गों पर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए गए, ताकि यातायात में बिना देरी के जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
कौन थीं संजू गुर्जर
30 वर्षीय संजू गुर्जर राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली थीं। वह पैरा स्पेशल फोर्स से सेवानिवृत्त सैनिक की बेटी और राजपूत रेजीमेंट में नायक के पद पर तैनात सनावर लाल की पत्नी थीं। मंगलवार को ब्रेन हेमरेज के बाद परिजन उन्हें चंडीमंदिर स्थित आर्मी कमांड अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद पति और पिता ने संजू के अंगदान की सहमति दी। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था, लेकिन उन्होंने अंगदान का फैसला लेकर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचने की उम्मीद कायम की। संजू के दो छोटे बच्चे हैं। एक बच्चे की उम्र करीब तीन वर्ष और दूसरे की करीब एक वर्ष बताई गई है।
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एक किडनी रोहतक और हृदय चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चंडीमंदिर स्थित कमांड अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित 30 वर्षीय महिला संजू गुर्जर के अंगदान की परिवार की ओर से सहमति दिए जाने के बाद जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पंचकूला पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाए। अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए कुछ ही मिनटों में यातायात व्यवस्था तैयार की गई। एक किडनी को पीजीआईएमएस रोहतक और हृदय को चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। इसके लिए अलग-अलग मार्गों पर यातायात नियंत्रित कर एंबुलेंस को बिना रुकावट निकालने की व्यवस्था की गई।
पुलिस के अनुसार, कमांड अस्पताल से एक किडनी पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाई जानी थी। इसके लिए चंडीमंदिर से पंचकूला होते हुए रोहतक तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं, हृदय को चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए दूसरा ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। यहां से फोर्टिस अस्पताल की हार्ट रिट्रीवल टीम अंग को आगे निर्धारित अस्पताल तक ले गई।
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पंचकूला पुलिस ने चंडीमंदिर से पुराने पंचकूला होते हुए जीरकपुर बॉर्डर तक यातायात को नियंत्रित किया। दोनों मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के निकालने की व्यवस्था की गई।
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रात करीब नौ बजे ब्रेन डेड घोषित किया
संजू गुर्जर को कमांड अस्पताल चंडीमंदिर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार रात करीब नौ बजे उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इसके बाद अस्पताल की टीम ने परिजनों को अंगदान की संभावना के बारे में जानकारी दी। ब्रेन डेड की पुष्टि होने के बाद महिला के पति सनावर लाल और परिवार के सामने सबसे कठिन निर्णय था। परिजनों ने आपसी सहमति से अंगदान का फैसला लिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय शुरू किया। अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाना चुनौती थी। इसके लिए अलग-अलग मार्गों पर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए गए, ताकि यातायात में बिना देरी के जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
कौन थीं संजू गुर्जर
30 वर्षीय संजू गुर्जर राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली थीं। वह पैरा स्पेशल फोर्स से सेवानिवृत्त सैनिक की बेटी और राजपूत रेजीमेंट में नायक के पद पर तैनात सनावर लाल की पत्नी थीं। मंगलवार को ब्रेन हेमरेज के बाद परिजन उन्हें चंडीमंदिर स्थित आर्मी कमांड अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद पति और पिता ने संजू के अंगदान की सहमति दी। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था, लेकिन उन्होंने अंगदान का फैसला लेकर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचने की उम्मीद कायम की। संजू के दो छोटे बच्चे हैं। एक बच्चे की उम्र करीब तीन वर्ष और दूसरे की करीब एक वर्ष बताई गई है।