कानपुर में गुजैनी के अंबेडकरनगर में बुधवार सुबह प्रतियोगी छात्र अजीत यादव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जब छानबीन की तो कई तथ्य चौंकाने वाले मिले। उसने बुधवार सुबह 9:14 बजे व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा...अलविदा..बाय-बाय..। फिर उसने अपने पिता शिव प्रताप यादव को फोन किया।
Suicide Case: पिता से फोन पर बोला मरने जा रहा हूं...फिर मार ली गोली, व्हाट्सएप पर लिखा- अलविदा...बाय बाय
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पुलिस कार्रवाई का विरोध, सड़क जाम कर प्रदर्शन
बुधवार सुबह अजीत ने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लिहाजा पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। सड़क-जाम कर प्रदर्शन करने लगे। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मामला शांत कराया और शव को मोर्चरी भिजवाया। डिप्रेशन की वजह से खुदकुशी करने की बात सामने आ रही है।
अंबेडकरनगर निवासी अजीत यादव (24) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके पिता शिव प्रताप यादव पुलिस में ड्राइवर हैं। वर्तमान में पनकी थाने की पीआरवी में तैनाती है। नौबस्ता एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार सुबह करीब दस बजे अजीत ने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को सील कराया।
तभी अजीत के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और विरोध पर उतर आए। शव रखकर सड़क जाम कर दी। पुलिस अफसरों से उनकी नोकझोंक भी हुई। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि पोस्टमार्टम के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। तब उच्चाधिकारियों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराने को वह राजी हुए। सड़क से शव हटाया और तब जाम खुला।
डिप्रेशन का चल रहा था इलाज
पुलिस को परिजनों ने बताया कि अजीत पिछले चार साल से डिप्रेशन में था। लखनऊ से उसका इलाज भी चल रहा था। डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस तरह की घटना हुई, उससे यही लगता है कि डिप्रेशन की वजह से ही उसने खुदकुशी की। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अगर कोई तहरीर मिलती है, तो जांच होगी।