{"_id":"5f279e928ebc3e63e3292e6f","slug":"cbi-investigation-of-sanjit-kidnapping-case","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"संजीत अपहरण कांड की सीबीआई जांच में कई लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज, पुलिस में हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संजीत अपहरण कांड की सीबीआई जांच में कई लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज, पुलिस में हड़कंप
Mon, 03 Aug 2020 11:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 03 Aug 2020 11:14 AM IST
विज्ञापन
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
संजीत अपहरण हत्याकांड कांड की जांच सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को हस्तांतरित किए जाने से परिजन संतुष्ट हैं। वहीं पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आनन फानन बर्रा पुलिस ने रविवार को ही मामले से संबंधित पूरा ब्यौरा डीआईजी को सौंप दिया है।
शव की तलाश में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
चर्चा है कि सीबीआई जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। लापरवाही पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। 22 जून को संजीत के अगवा होने के बाद परिजनों ने तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन सीओ मनोज गुप्ता, तत्कालीन इंस्पेक्टर रणजीत राय, तत्कालीन जनता नगर चौकी प्रभारी राजेश कुमार पर बेटे को खोजने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। 29 जून के बाद से लगातार अपहर्ता फिरौती के लिए फोन कर रहे थे। कई-कई मिनट तक अपहर्ताओं की उनसे बातें होती रही, वहीं पुलिस अपनी आंख और कान बंद किए रही।
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
एसपी अपर्णा ने नहीं सुनी थी बहन की गुहार
संजीत की बहन रुचि ने बताया कि अपहर्ताओं को फिरौती की रकम 13 जुलाई को देनी थी। इससे दो दिन पहले पूरा परिवार मदद के लिए तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता के कार्यालय पहुंचा था। उन्होंने छोटी-छोटी बातों के लिए कार्यालय न आने की बात कह कर चलता कर दिया था। रुचि का आरोप है कि पैसों के जाने की आशंका के चलते उसने एसपी साउथ को बैग में चिप लगाने की राय दी थी, लेकिन उन्होंने डांट कर शांत कराया दिया था।
संजीत की बहन रुचि ने बताया कि अपहर्ताओं को फिरौती की रकम 13 जुलाई को देनी थी। इससे दो दिन पहले पूरा परिवार मदद के लिए तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता के कार्यालय पहुंचा था। उन्होंने छोटी-छोटी बातों के लिए कार्यालय न आने की बात कह कर चलता कर दिया था। रुचि का आरोप है कि पैसों के जाने की आशंका के चलते उसने एसपी साउथ को बैग में चिप लगाने की राय दी थी, लेकिन उन्होंने डांट कर शांत कराया दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने घर आकर की थी बदसलूकी
चमन सिंह का आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी रणजीत राय ने पूछताछ के लिए थाने बुलाकर बेटी रुचि पर ही अपहर्ताओं के साथ मिलकर भाई का अपहरण कराने का आरोप लगा दिया था। राहुल पर बेटे के अपहरण की आशंका जता कर थाने में तहरीर दी तो तत्कालीन जनता नगर चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने घर पर आकर बदसलूकी की थी। परिजनों के मुताबिक अगर समय रहते पुलिस हरकत में आ जाती तो आज उनका बेटा सामने होता। जानकारों का मानना है कि सीबीआई जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोषी पुलिस कर्मियों को जेल तक हो सकती है।
चमन सिंह का आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी रणजीत राय ने पूछताछ के लिए थाने बुलाकर बेटी रुचि पर ही अपहर्ताओं के साथ मिलकर भाई का अपहरण कराने का आरोप लगा दिया था। राहुल पर बेटे के अपहरण की आशंका जता कर थाने में तहरीर दी तो तत्कालीन जनता नगर चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने घर पर आकर बदसलूकी की थी। परिजनों के मुताबिक अगर समय रहते पुलिस हरकत में आ जाती तो आज उनका बेटा सामने होता। जानकारों का मानना है कि सीबीआई जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोषी पुलिस कर्मियों को जेल तक हो सकती है।
विज्ञापन
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
यह है मामला
22 जून की रात बर्रा पांच निवासी संजीत यादव को अगवा किया गया था। परिजनों का दावा था कि 13 जुलाई को पुलिस के प्लान के तहत अपहर्ताओं को 30 लाख फिरौती दी गई। इसके बावजूद पुलिस संजीत का पता नहीं लगा पाई। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने 23 जुलाई को घटना का खुलासा करने का दावा किया। महिला समेत छह लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का परिजनों से सामना कराया। इसके बाद संजीत को अगवा करने के बाद रतनलाल नगर स्थित किराये के मकान में चार दिन तक बंधक बनाकर रखने के बाद उसकी हत्या कर शव पांडु नदी में फेंकने का पता चला। पुलिस अब तक संजीत का शव भी बरामद नहीं कर पाई है।
22 जून की रात बर्रा पांच निवासी संजीत यादव को अगवा किया गया था। परिजनों का दावा था कि 13 जुलाई को पुलिस के प्लान के तहत अपहर्ताओं को 30 लाख फिरौती दी गई। इसके बावजूद पुलिस संजीत का पता नहीं लगा पाई। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने 23 जुलाई को घटना का खुलासा करने का दावा किया। महिला समेत छह लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का परिजनों से सामना कराया। इसके बाद संजीत को अगवा करने के बाद रतनलाल नगर स्थित किराये के मकान में चार दिन तक बंधक बनाकर रखने के बाद उसकी हत्या कर शव पांडु नदी में फेंकने का पता चला। पुलिस अब तक संजीत का शव भी बरामद नहीं कर पाई है।