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एक अजीब दास्तांः 1 पति, 2 पत्नियां और 12 मुकदमे, जिसने सुना हैरान रह गया, मामला है ही कुछ ऐसा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 01 Nov 2018 08:39 AM IST
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शादी के बाद आशीष को धोखा मिला तो उसने इसे बुरा सपना समझकर भूलने की कोशिश की लेकिन इसके बाद जीवन की नई शुरुआत करने की कोशिश की तो दूसरी पत्नी ने भी उसे छोड़ दिया। दो महिलाओं, उनके परिजनों-प्रेमियों की साठगांठ और कानूनी दांवपेंच में एक व्यक्ति ऐसा उलझा कि उसको महीने में दो सप्ताह अदालतों के चक्कर काटते बीत रहे हैं। जिंदगी में एक बार फिर वह वहीं खड़ा है जहां से वह चला था लेकिन अब स्थितियां बहुत बदल चुकी हैं। कानून की नजर में अब उसकी एक नहीं, दो पत्नियां हैं। हिन्दू परंपरा के अनुसार अनजाने में ही सही, लेकिन आशीष एक अनचाहा अपराध कर बैठा है। पढ़िए आशीष की पूरी कहानी....
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दो पत्नियों में उलझा आशीष
जूही थानांतर्गत विनोबा नगर निवासी आशीष गुप्ता ने किशन रोड रेलवे कालोनी झांसी निवासी रश्मि गुप्ता के साथ 27 जनवरी 2012 को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार विवाह किया था। शादी के तीन महीने भी नहीं गुजरे थे कि 17 अप्रैल की सुबह रश्मि बिना कुछ बताए घर छोड़कर चली गई। आशीष ने रश्मि को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी इस पर आशीष ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा दाखिल कर दिया। मुकदमे के दौरान रश्मि के कोर्ट में हाजिर न होने पर 28 अप्रैल 2014 को कोर्ट ने एकपक्षीय आदेश सुनाते हुए आशीष और रश्मि का तलाक मंजूर कर लिया।
जूही थानांतर्गत विनोबा नगर निवासी आशीष गुप्ता ने किशन रोड रेलवे कालोनी झांसी निवासी रश्मि गुप्ता के साथ 27 जनवरी 2012 को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार विवाह किया था। शादी के तीन महीने भी नहीं गुजरे थे कि 17 अप्रैल की सुबह रश्मि बिना कुछ बताए घर छोड़कर चली गई। आशीष ने रश्मि को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी इस पर आशीष ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा दाखिल कर दिया। मुकदमे के दौरान रश्मि के कोर्ट में हाजिर न होने पर 28 अप्रैल 2014 को कोर्ट ने एकपक्षीय आदेश सुनाते हुए आशीष और रश्मि का तलाक मंजूर कर लिया।
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तलाक के दो साल बाद 5 जून 2016 को आशीष ने बादशाहीनाका नौघड़ा निवासी ज्योति गुप्ता के साथ आर्यसमाज मंदिर से दूसरा विवाह कर लिया। दो महीने बाद 12 अगस्त को ही ज्योति भी आशीष को छोड़कर चली गई। मामले में नया मोड़ तब आया जब आशीष को पता चला कि उसकी पहली पत्नी रश्मि ने तलाक के मुकदमे को रेस्टोर करवाकर पुन: सुनवाई पर लगवा दिया है। अब आशीष दो-धारी तलवार पर खड़ा था। पहली पत्नी का तलाक मान्य न होने पर दूसरा विवाह गले की फांस बन गया और जिंदगी की नई शुरुआत करने के लिए जिस महिला से दूसरी शादी की वह भी उसे छोड़कर चली गई।
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यूं चला एक-दूसरे पर मुकदमे ठोंकने का सिलसिला
वर्तमान में स्थिति यह है कि पहली पत्नी रश्मि ने आशीष पर तीन मुकदमे ठोंक दिए वहीं दूसरी पत्नी ज्योति ने भी आशीष को तीन मुकदमों में फंसा दिया है। आशीष और रश्मि का तलाक का मुकदमा तो कोर्ट में लंबित चल ही रहा था, आशीष ने ज्योति की विदाई के लिए भी पारिवारिक न्यायालय में एक मुकदमा दाखिल कर दिया था। इसी बीच आशीष को जानकारी हुई कि ज्योति भी पहले से शादीशुदा थी। विवेक राजपूत नाम के व्यक्ति से उसने 12 जनवरी 2012 को शादी की थी लेकिन बिना तलाक लिए ही उसने आशीष से दूसरी शादी कर ली। संपत्ति के लालच में षड़यंत्र के तहत आशीष को शादी के झांसे में फंसाया गया।
वर्तमान में स्थिति यह है कि पहली पत्नी रश्मि ने आशीष पर तीन मुकदमे ठोंक दिए वहीं दूसरी पत्नी ज्योति ने भी आशीष को तीन मुकदमों में फंसा दिया है। आशीष और रश्मि का तलाक का मुकदमा तो कोर्ट में लंबित चल ही रहा था, आशीष ने ज्योति की विदाई के लिए भी पारिवारिक न्यायालय में एक मुकदमा दाखिल कर दिया था। इसी बीच आशीष को जानकारी हुई कि ज्योति भी पहले से शादीशुदा थी। विवेक राजपूत नाम के व्यक्ति से उसने 12 जनवरी 2012 को शादी की थी लेकिन बिना तलाक लिए ही उसने आशीष से दूसरी शादी कर ली। संपत्ति के लालच में षड़यंत्र के तहत आशीष को शादी के झांसे में फंसाया गया।
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रश्मि, ज्योति और विवेक की मिलीभगत का संदेह होने पर आशीष ने तीनों के खिलाफ एसीएमएम तृतीय की अदालत में पुरुष घरेलू हिंसा का एक मुकदमा दर्ज कराया इसके अलावा ज्योति और रश्मि समेत दोनों के परिजनों के खिलाफ भी धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करवा दिया। न्यायालय में झूठा शपथपत्र देने के मामले में भी आशीष ने ज्योति और रश्मि के खिलाफ एसीएमएम तृतीय की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है। इस तरह विभिन्न अदालतों में आशीष और उसकी दोनों पत्नियाें ज्योति व रश्मि ने मिलकर एक दर्जन मुकदमे दर्ज करा रखे हैं।