उन्नाव जिले के शुक्लागंज में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मनगर निवासी कौशल अवस्थी (52) की मौत के बाद अपनों ने भी मुंह मोड़ लिया। अंतिम संस्कार के लिए खर्च की बात पर चचेरे भाई व सगे संबंधी आगे नहीं आए। पुलिस ने स्वयं धन जुटाकर अंतिम संस्कार कराया।
मर गई इंसानियत: बेरुखी! अपनों ने मोड़ा मुंह...गुमसुम बैठी रही बहन, बोली- अब तक नहीं आया है भैया
मुंहबोली मौसी ने खुलवाया था दरवाजा
उधर, आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि कौशल अवस्थी की मुंह बोली मौसी बीना सोमवार रात गली से निकली तो लोगों ने चार दिन से घर में किसी तरह की हलचल न होने की बात कही। इस पर बीना ने घर के अंदर मौजूद कौशल की बहन रानी से कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए।
शरीर में रेंग रहे थे कीड़े
कौशल का शव कमरे की जमीन पर पड़ा था, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे और भीषण दुर्गंध उठ रही थी। इसके बाद पड़ोसियों ने कानपुर से सीसामऊ में रहने वाली बहन व उन्नाव के छोटे चौराहे पर रहने वाले नीरज अवस्थी को घटना की सूचना दी। वहीं, कोतवाली प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि कौशल को सांस की बीमारी थी।
दो साल पहले मकान का आधा हिस्सा चार लाख में बेचा था
चचेरे भाई रिंकू ने बताया कि बीमारी के कारण कौशल चार महीने कुछ नहीं करता था। दो साल पहले मकान का आधा हिस्सा उसने करीब साढ़े चार लाख में बेचा था। रकम का कुछ हिस्सा अपनी तीन बहनों में किसी बहन को दिया था। बाकी रुपये से गुजर बसर करता था।
भाई की मौत के बाद बेसहारा हुई रानी
भाई कौशल की मौत के बाद बहन रानी बेसहारा हो गई है। अब रानी की देखभाल कौन करेगा, इसको लेकर आस पास पड़ोस के लोगों में चर्चा है। मृतक तीन बहनों में अकेला था, जिसमें से रानी यहीं रहती थी, एक बहन नीलम की मौत हो चुकी है। किरन भाई से ज्यादा मतलब नहीं रखती है।