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PHOTOS: ये कैसी व्यवस्थाएं? पिता के कंधे पर बच्ची की लाश, रोती बिलखती मां और स्ट्रेचर के लिए चंदा

Sun, 08 Jul 2018 06:45 PM IST
मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर
मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 08 Jul 2018 06:45 PM IST
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Carrying the baby's dead body by  father from shoulder did not get the stretcher
हैलट अस्पताल में बच्ची लाश कंधे पर लेकर जाता पिता
शासन का निर्देश है कि सरकारी अस्पताल में किसी की मृत्यु होती है तो शव सरकारी वाहन से घर तक या परिजन जहां कहें वहां तक पहुंचाया जाए। कानपुर के हैलट अस्पताल में सरकार के इस निर्देश का खुला मखौल उड़ाया गया। चार साल की मासूम का शव कंधे पर लेकर परिजन सवा दो घंटे तक भटकते रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाई लेकिन शव वाहन नहीं मिला। अंत में गरीब परिजन टेंपो से शव लेकर चले गए। परिजनों ने बच्ची के इलाज में भी लापरवाही का आरोप लगाया। 

 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- शव वाहन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई...

Carrying the baby's dead body by  father from shoulder did not get the stretcher
हैलट अस्पताल में बच्ची लाश कंधे पर लेकर जाता पिता
उन्नाव में कचहरी के पास रहने वाले शानू की चार साल की बेटी सेजल छह जुलाई को छत से गिरकर घायल हो गई थी। उन्नाव के जिला अस्पताल से बच्ची को हैलट रेफर किया गया। शाम को उसे हैलट इमरजेंसी में न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष सिंह की यूनिट में भर्ती कराया गया। सेजल के मामा शीलू ने बताया कि सुबह करीब पौने नौ बजे बच्ची की मौत हो गई। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसने नर्स से शव वाहन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। उनके कहने पर वह भांजी के शव को कंधे पर लेकर इमरजेंसी गया।
 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हैलट में एक भी शव वाहन नहीं...

Carrying the baby's dead body by  father from shoulder did not get the stretcher
हैलट अस्पताल में बच्ची लाश कंधे पर लेकर जाता पिता
आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. मयंक से शव वाहन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई, पर उन्होंने अस्पताल में शव वाहन न होने का हवाला देकर टरका दिया। ओपीडी के बाहर खड़े कर्मचारियों से भी गुहार लगाई लेकिन वाहन नहीं मिला। बता दें कि उर्सला अस्पताल में दो शव वाहन हैं लेकिन शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हैलट में एक भी शव वाहन नहीं है। 
 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- क्या कह रहे हैं जिम्मेदार....

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Carrying the baby's dead body by  father from shoulder did not get the stretcher
हैलट अस्पताल में बच्ची लाश कंधे पर लेकर जाता पिता
बोले जिम्मेदार...
मैं 10 जुलाई को इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से बात करूंगा। कोशिश करूंगा है कि हैलट को भी शव वाहन मिले।
- सत्यदेव पचौरी, कैबिनेट मंत्री

अस्पताल में कोई शव वाहन है ही नहीं। इसलिए शव वाहन उपलब्ध नहीं करा पाते। 
- डॉ. एन त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, हैलट
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