कानपुर के शंभुआ में डंपर की टक्कर से जान गंवाने वाला राकेश का इकलौता बेटा ऋषभ (05) चार बहनों के बीच इकलौता भाई था।वह बड़ी मिन्नतों के बाद पैदा हुआ था। मां सुशीला ने बताया कि बेटे के लिए वह कई मंदिर गई और वृत रखे। तब जाकर छोटी बेटी के पैदा होने के तीन साल बाद ऋषभ पैदा हुआ था।
मांगी थी मन्नतें, बुझ गया चिराग: चार बेटियों के बाद हुआ था ऋषभ, बदहवास मां बोली- लाड़ला था...किसको दुलार करेंगे
ग्रामीणों ने सात किलोमीटर तक किया पीछा
साथ ही वह गलत साइड से दूसरे ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। अगर वह ऐसा न करता तो हादसा न होता। हादसे के बाद चालक डंपर समेत भाग निकला। हालांकि ग्रामीणों ने घटनास्थल से करीब सात किलोमीटर दूर तक पीछा किया और आखिर में पतारा कस्बे से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
इन मांगों पर अड़े थे ग्रामीण
मजदूर पिता की तीन अन्य बेटियों की पढ़ाई और जीवन यापन के लिए तीन बीघा जमीन, तीनों बच्चियों के नाम पर 30 लाख रुपये और एक आवास की मांग की। घंटों चले हंगामे के बाद एसडीएम सदर अभिनव गोपाल, एसडीएम घाटमपुर रामानुज, तहसीलदार रितेश कुमार मौके पर पहुंचे।
डिवाइडर व स्पीड ब्रेकर का निर्माण कार्य शुरू
एसडीएम सदर को मुआवजे की मांगें लिखित में दी। एसडीएम ने मांगपत्र शासन को पहुंचाने और मुआवजे का भरोसा दिलाकर शांत कराया तब दोनों शव हटाए जा सके। इस दौरान आरओबी के दोनों तरफ व बस्ती वाले क्षेत्र में पीएनसी कंपनी ने डिवाइडर व स्पीड ब्रेकर का निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया।
जाम के बीच अधिकारी की रोकी गाड़ी, पुलिस से नोकझोंक
गुस्साए स्वजन और ग्रामीणों ने जाम लगाने के दौरान घाटमपुर से गैर जनपद के आईएएस अधिकारी की गाड़ी भी रोक ली। पुलिसकर्मियों ने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नहीं माना। इससे उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई, लेकिन भीड़ ने अधिकारी की गाड़ी वापस करवा दी।