उत्तर प्रदेश की सियासत में इटावा के यादव परिवार और समाजवादी पार्टी का अपना रसूख है। हम आपको आज उस शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं जिसे उत्तर प्रदेश विरासत में मिला। छोटी उम्र में सांसद बना फिर मुख्यमंत्री की गद्दी संभाली। अचानक से समाजवादी पार्टी और परिवार में दरार आई तो यूपी का साम्राज्य भी छिन गया।
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B'DaySpl: अखिलेश को मुलायम से विरासत में मिला उत्तर प्रदेश, सपा टूटी तो बिखर गया यूपी का साम्राज्य
Tue, 02 Jul 2019 08:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 02 Jul 2019 08:56 AM IST
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समाजवादी रथ में मुलायम सिंह के साथ अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव
आज उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का 46वां जन्मदिन है। हम आपको उनके राजनीतिक सफर के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई, 1973 को इटावा के सैफई में हुआ।
अखिलेश यादव के साथ मुलायम सिंह यादव
विदेश में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अखिलेश ने जब यूपी की राजनीति में कदम रखा तो उनके पिता मुलायम सिंह पहले से ही एक मजबूत जमीन तैयार कर चुके थे। जहां से अखिलेश को बस अपने कदम आगे बढ़ाने थे। हुआ भी कुछ ऐसा ही।
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अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल रहे अखिलेश यादव 27 साल की उम्र में सांसद बने और 38 साल में देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रच दिया। सियासी माहौल में पले-बढ़े अखिलेश ने साल 2000 में कन्नौज लोकसभा उप चुनाव को जीतकर राजनीतिक पारी का आगाज किया था।
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डिंपल यादव, अखिलेश यादव, मायावती
- फोटो : गूगल
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के अकबर अहमद डम्पी को करीब 58 हजार वोटों से हराया। इसके बाद अखिलेश 2004 और 2009 में लगातार इस सीट पर विजयी हुए, लेकिन 2009 में कन्नौज के अलावा फिरोजाबाद संसदीय सीट से भी जीत दर्ज की थी।