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स्वामी विवेकानंद की जयंती पर पढ़िए ऊर्जा से भर देने वाले उनके 10 ओजपूर्ण विचार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 12 Jan 2018 02:04 PM IST
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स्वामी विवेकानंद की जयंती
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जिनके विचारों को अपनाकर हजारों-लाखों युवा प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो रहे हैं आज उसी महान शख्सियत का जन्मदिन है। 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे स्वामी विवेकानंद ने धर्म को विज्ञान के नजर से देखने का नया नजरिया दिया। स्वामी विवेकानंद ने पूरी दूनिया में हिंदू धर्म को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ी। विवेकानंद ने संसार को भारतीय दर्शन और वेद का पाठ पढ़ाया, जिसके सामने पूरी दुनिया नतमस्तक हो गई। हलांकि उनका जीवनकाल काफी ज़्यादा नहीं रहा और वो महज़ 39 साल की उम्र में दुनिया से विदा हो गए थे। आज पूरी दुनिया में युद्ध और उन्माद फैला हुआ है वहीं विवेकानंद लोगों को शांति और भाईचारे के साथ रहने का संदेश देते हैं।
सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया
स्वामी विवेकानंद की जयंती
सन् 1893 में अमेरिका के शिकागो में विवेकानंद ने विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण भारतीय वेदांत दर्शन को अमेरिका और यूरोप के क्षितिज में फैला दिया। रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य स्वामी विवेकानंद ने अपने शिकागो भाषण की शुरुआत , 'मेरे अमेरिकी भाइयों एवं बहनों' के साथ की थी। उनके इस संबोधन के प्रथम वाक्य ने दुनिया का दिल जीत लिया।
स्वामी विवेकानंद के विचार...
स्वामी विवेकानंद की जयंती
1. उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए।
2. बस वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं।
3. हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं। विचार रहते हैं। वे दूर तक यात्रा करते हैं।
4. जो तुम सोचते हो वो हो जाओगे। यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, तुम कमजोर हो जाओगे, अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे।
2. बस वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं।
3. हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं। विचार रहते हैं। वे दूर तक यात्रा करते हैं।
4. जो तुम सोचते हो वो हो जाओगे। यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, तुम कमजोर हो जाओगे, अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे।
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विचार को अपना जीवन बना लो
स्वामी विवेकानंद की जयंती
5. एक विचार लो। उस विचार को अपना जीवन बना लो, उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार को जियो। अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो। यही सफल होने का तरीका है।
6. तुम फुटबॉल के जरिए स्वर्ग के ज्यादा निकट होगे बजाए गीता का अध्ययन करने के।
7. किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आए, आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
6. तुम फुटबॉल के जरिए स्वर्ग के ज्यादा निकट होगे बजाए गीता का अध्ययन करने के।
7. किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आए, आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
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अपने स्वभाव के प्रति सच्चे रहो
स्वामी विवेकानंद की जयंती
8. सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना। स्वयं पर विश्वास करो।
9. एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।
10. ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमीं हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
9. एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।
10. ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमीं हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।