{"_id":"5fba45c146ed287cb005f6dd","slug":"bikru-kand-nawabganj-police-lodged-an-fir-on-sit-s-request-for-a-case-against-a-property-dealer-who-took-sim-id","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: फेक आईडी पर सिम लेने वाले प्रॉपर्टी डीलर पर केस, एसआईटी के कहने पर नवाबगंज पुलिस ने दर्ज की एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: फेक आईडी पर सिम लेने वाले प्रॉपर्टी डीलर पर केस, एसआईटी के कहने पर नवाबगंज पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
Sun, 22 Nov 2020 04:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 22 Nov 2020 04:49 PM IST
विज्ञापन
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में नवाबगंज थाने में एक और एफआईआर दर्ज की गई। एसआईटी की सिफारिश पर पुलिस ने फेक आईडी पर सिम का इस्तेमाल करने पर विकास दुबे के कारखास प्रॉपर्टी डीलर पर केस किया है। हालांकि बिकरू कांड में प्रॉपर्टी डीलर की अभी भूमिका नहीं पाई गई है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
अब उसकी भूमिका पुलिस जांचेगी। नवाबगंज इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि एमआईजी ख्योरा निवासी राजू बाजपेई के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर हुई है। राजू मूलरूप से चौबेपुर के हुलकापुर गांव का रहने वाला है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी ने जब जांच के दौरान विकास के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाली तो उसमें राजू का नंबर भी मिला। जब इसकी डिटेल निकाली गई तो पता चला कि दीपक बाजपेई के नाम पर ये सिम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
जिसका इस्तेमाल राजू कर रहा है। इस फर्जीवाड़े व धोखाधड़ी के लिए उसके खिलाफ केस की सिफारिश एसआईटी ने की है। राजू बाजपेई जय बाजपेई का रिश्तेदार बताया जा रहा है। दीपक भी उसका रिश्तेदार है।
विज्ञापन
केके शर्मा और विनय तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व एसओ और दरोगा पर ये लगे आरोप
- आरोपी पुलिसकर्मियों ने घटना की रात विकास दुबे को दबिश की जानकारी दी थी।
- विकास दुबे के साथ इनकी काफी दिनों से सांठगांठ थी।
- दबिश के दौरान दोनों पुलिसकर्मी बदमाशों से मोर्चा लेने के बजाए भाग गए थे।
- विकास दुबे पर नरमी बरती। कई केस दर्ज नहीं किए। एक से धारा कम की।
- 70 केस दर्ज होने के बावजूद जानबूझकर टॉप-टेन की सूची में विकास का नाम नहीं डाला।
- आरोपी पुलिसकर्मियों ने घटना की रात विकास दुबे को दबिश की जानकारी दी थी।
- विकास दुबे के साथ इनकी काफी दिनों से सांठगांठ थी।
- दबिश के दौरान दोनों पुलिसकर्मी बदमाशों से मोर्चा लेने के बजाए भाग गए थे।
- विकास दुबे पर नरमी बरती। कई केस दर्ज नहीं किए। एक से धारा कम की।
- 70 केस दर्ज होने के बावजूद जानबूझकर टॉप-टेन की सूची में विकास का नाम नहीं डाला।