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भारत बंद का इस महानगर में रहा कुछ ऐसा असर, इन राजनीतिक दलों ने भी किया समर्थन
Tue, 03 Apr 2018 08:53 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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Updated Tue, 03 Apr 2018 08:53 AM IST
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प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
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एसएटी एक्ट में न्यायालय के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को कानपुर में भी धरना प्रदर्शन किया। चौराहों पर कई घंटे तक जाम लगाया। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। बड़ा चौराहा और नानाराव पार्क के बाहर पुलिस और प्रदर्शन करने वालों में झड़प भी हुई। इस बीच केंद्र सरकार का पुतला फूंकने जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठी लेकर दौड़ाया। बाजारों में बंद का कोई असर नहीं रहा।
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दलित संगठनों का प्रदर्शन शाम पांच बजे तक चला। बसपा की तरफ से जुलूस निकालकर सरकार और न्यायालय विरोध नारेबाजी की गई। दिन में चुन्नीगंज चौराहे से बसपा के साथ दूसरे संगठनों ने जुलूस निकाला। जुलूस लाल इमली चौराहे होते हुए पहले बड़ा चौराहा पर आकर रुका। यहां प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ ग्रए, जिससे पूरा चौराहा जाम हो गया। काफी देर के बाद पुलिस ने यहां से लोगों को उठाया तो जुलूस आगे चलकर फूलबाग चौराहे पर इकट्ठा हो गया।
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इस बीच भीड़ ने शिवाला मार्केट पहुंचकर वहां की दुकानों को बंद कराने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में सभी प्रदर्शन करने वालों को नानाराव पार्क में लाकर रोक दिया गया है। जहां पर लोगों ने केंद्र सरकार और न्यायालय के फैसले पर के खिलाफ नारेबाजी की।
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सपा ने भी किया बंद का समर्थन
समाजवादी पार्टी की नगर और ग्रामीण इकाई ने भी भारत बंद का समर्थन किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मुईन खान ने पार्टी की अल्पसंख्यक सभा की बैठक में कहा कि एसएसटी उत्पीड़न कानून को कमजोर करने को लेकर दलितों का विरोध जायज है। ग्रामीण अध्यक्ष राघवेंद्र ने कहा कि किसी का अधिकार छीनने का अधिकार किसी को नहीं है। बंद समर्थन करनेवालों में दलित शोषण मुक्ति मंच, दलित मुस्लिम राजैनतिक मोर्चा भी शामिल रहा।
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