बांदा जिले के मवई बुर्जुग गांव में दंपती के आत्महत्या करने का कारण दोनों की मौत के साथ ही दफन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच प्रेम अटूट था। इसी के चलते प्रीति की मौत से आहत रामरूप भी इस दुनिया को विदा कर गया।
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक रामरूप के बड़े भाई जगरूप प्रजापति ने बताया कि वह दो भाई और दो बहन हैं। वह बड़ा है। पिता बदलू प्रजापति घर में रहते हैं। दोनों भाइयों के बीच मकान के अंदर ही बंटवारा है। मृतक और वह भट्ठा व अन्य जगह मजदूरी करते हैं और भूमिहीन हैं।
बहन उर्मिला दिल्ली और निर्मला कानपुर में रहतीं हैं। घटना वाले दिन शुक्रवार को जगरूप अपनी पत्नी सुनीता के साथ घर पर था। मृतक रामरूप भी घर में ही था। जगरूप ने बताया कि पत्नी के कहने पर वह घर में खाना बना रहा था।
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banda suicide case
- फोटो : अमर उजाला
खाना बनाने के बाद मृतका प्रीति और जेठानी सुनीता ने साथ ही खाया। इसके बाद प्रीति अपने कमरे चली गई, रामरूप भी वहीं था। कुछ देर बाद वह कमरे से आई और मुझसे बोली कि अब तीनों बच्चों की जिम्मेदारी आप पर है। यह कहकर वह उल्टी करने लगी।
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उसे शक हुआ तो उसने पूछा तो वह कुछ बोल नहीं पाई। वह उसे लेकर भाई रामरूप के साथ जिला अस्पताल आया। यहां से डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। प्रीति को लेकर जगरूप और पड़ोसी देवीचरन एबुंलेंस से लेकर जा रहे थे। तभी देहात कोतवाली के पास दम तोड़ दिया।
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चचेरे भाई से तलैया जाने को कहा था
चचेरे भाई महेश ने बताया कि रामरूप को देर शाम पत्नी की मौत की खबर मिली थी। इसके बाद रामरूप मुझे घर से कुछ दूरी पर स्थित तलैया के पास मिला था। उसने कहा कि उसे शौच जाना है। कुछ देर बाद रामरूप सड़क पर पड़ा था। पैंट में गंदगी भरी थी और मुंह से झाग निकल रहा था। उसने वहीं पर जहर खा लिया था।
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मृतका ने घटना से पहले की थी मां से फोन पर बात
ज्ञानचंद्र ने बताया कि मृतका प्रीति उनकी सबसे बड़ी पुत्री थी। आठ साल पहले रामरूप से प्रीति की शादी की थी। दोनों से दो पुत्रियां क्षमा (6), श्रेया (3) और एक पुत्र आदर्श (4 माह) है। घटना से पहले फोन पर प्रीति और दामाद ने पत्नी शिवलली से बात की थी।