कानपुर देहात में पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए व्यापारी बलवंत सिंह की पत्नी शालिनी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई है। इसके लिए शालिनी ने उन्हें पत्र भेज बड़ा भाई बताते हुए बहन की मदद की बात लिखी है। वहीं, अब अखिलेश सोमवार को घर पहुंच रहे हैं।
शिवली के लालपुर सरैंया निवासी बलवंत सिंह की पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। बलवंत की पत्नी शालिनी ने अखिलेश यादव के नाम एक पत्र लिखा है। पत्र में शालिनी ने लिखा है कि मैं बलवंत की पत्नी शालिनी आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि मेरे पति को पुलिस हिरासत में मार दिया गया। अब आप को मुझे इंसाफ दिलाने के मेरे घर आना होगा। मेरे पति की मौत के मामले में मुझे न्याय दिलाने के लिए मेरे साथ खड़े हों।
2 of 5
व्यापारी बलवंत की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मैं आपकी आभारी रहूंगी। इसके बाद आपकी छोटी बहन शालिनी लिखकर पत्र को खत्म किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहन की गुहार को गंभीरता से लिया है। वह सोमवार को उसके घर आ रहे हैं।
3 of 5
बलवंत की फाइल फोटो व बच्चे के साथ पत्नी शालिनी
- फोटो : अमर उजाला
शालिनी ने बताया कि उन्होंने पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि वह उससे मुलाकात करें और उसका दर्द सुनें। उसके पति को न्याय दिलाएं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखा गया यह पत्र सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
4 of 5
गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
शिवली के मैथा क्षेत्र में सराफा व खाद व्यापारी चंद्रभान सिंह को बाइक सवार बदमाशों ने छह दिसंबर को लूट लिया था। इस वारदात का खुलासा करने के लिए एसओजी व शिवली थाना पुलिस ने संदेह के आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें चंद्रभान का भतीजा व व्यापारी बलवंत सिंह भी शामिल था। रनियां थाने में पूछताछ के दौरान पुलिस वालों ने बेरहमी से बलवंत को पीटा था।
इससे उसकी जान चली गई थी। मामले में एसपी सुनीति ने 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित था। बलवंत हत्याकांड में तत्कालीन एसओजी प्रभारी निलंबित दरोगा प्रशांत गौतम, हेड कांस्टेबल दुर्वेश कुमार और कांस्टेबल सोनू यादव को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अभी इस मामले में चार पुलिस कर्मी फरार हैं। बलवंत प्रकरण की जांच कन्नौज एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है।