साहब आपके परिवार के बेटे की जान गई होती, तो क्या ऐसे ही होता। आरोपी दरोगा पर ऐसे ही हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाती, जिससे उसे कोर्ट से फौरन जमानत मिल गई। दरोगा ने जानबूझकर रजत की जान ली है। दरोगा को फांसी हो। अगर न्याय नहीं मिला तो सीएम आवास के सामने आत्मदाह कर लेंगे। ये बात शनिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा राशि की चेक देने पहुंचे सांसद सत्यदेव पचौरी, डीएम और एसएसपी के सामने रजत के परिजनों ने कही। परिजनों ने एसएसपी को खूब खरी-खोटी सुनाई। अफसरों और सांसद ने पीड़ित परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया।
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सांसद के सामने रोते बिलखते परिजन, पुलिस से होती नोकझोक
- फोटो : अमर उजाला
कल्याणपुर थाने की जीप से कुचलकर मंगलवार देर रात रावतपुर मथुरा नगर निवासी बजरंग दल कार्यकर्ता रजत वर्मा की मौत हो गई थी। शनिवार दोपहर सांसद, डीएम विजय विश्वास पंत और एसएसपी अनंत देव तिवारी रजत के घर पहुंचे। रजत की बुआ पूनम और बहन तान्या ने एसएसपी से कहा कि आधे घंटे तक रजत जीप के नीचे दबा रहा। दरोगा और होमगार्ड रजत को अस्पताल नहीं ले गए। उल्टा उनके घर के दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद कर भाग गए। अगर तुरंत रजत को अस्पताल ले जाते तो शायद बच जाता।
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पुलिस से होती नोकझोंक
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पुलिस ने हल्की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर दरोगा को छुड़ा लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में सीएम से मिलकर शिकायत करेंगे। मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। इस दौरान एसएसपी से परिजनों की तकरार हुई। सांसद और डीएम ने परिजनों को शांत कराया। करीब आधे घंटे तक सांसद और अफसर रजत के घर में रहे।
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सांसद के सामने रोते बिलखते परिजन, पुलिस से होती नोकझोक
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पिता अजय कुमार ने सांसद और अफसरों से कहा कि रजत उनका इकलौता बेटा था। दरोगा ने उसकी जान ले ली। रजत की मौत के सदमे से उसकी मां और बहनें अभी तक उबर नहीं पाई हैं। वहीं रजत की मां ने अफसरों से कहा कि हमें मुआवजा नहीं, न्याय चाहिए।
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पीड़ित परिवार को आश्वासन देते एसएसपी, डीएम व भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी
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रजत के पिता अजय ने एसएसपी को एक और प्रार्थना पत्र सौंपा। कहा कि इसी के आधार पर आरोपी दरोगा मोहम्मद जाबिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। एसएसपी ने जांच कराकर प्रार्थना पत्र को पहले से दर्ज एफआईआर की विवेचना में शामिल कराए जाने का भरोसा परिजनों को दिया।