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कातिल दुल्हन: जान न निकलने पर शूटरों ने दिलीप के साथ किया था ये काम; पोस्टमार्टम और सिटी स्कैन में बड़ा खुलासा
Thu, 27 Mar 2025 11:19 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, औरेया
अमर उजाला नेटवर्क, औरेया
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 27 Mar 2025 11:19 AM IST
सार
औरैया के दिलीप यादव हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। शूटरों ने पहले दिलीप को बेरहमी से पीटा था, उसके बाद उसे खेत में लहूलुहान हालत में फेंककर गोली मार दी थी।
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Auraiya Murder
- फोटो : अमर उजाला
औरैया में हाइड्रा चालक दिलीप यादव की हत्या में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम और सिटी स्कैन में यह जानकारी सामने आई है। हाइड्रा चालक दिलीप यादव की हत्या के मामले में सामने आ रहा है कि शूटरों ने उसे मारकर लहूलुहान कर दिया था। उनकी योजना दिलीप को जान से मारने की थी। ऐसे में जब खून से लथपथ दिलीप के प्राण नहीं निकले तो शूटरों ने उसके सिर के पीछे गोली मार दी। मामले को लेकर पुलिस ने गिरफ्तार प्रगति, उसके प्रेमी अनुराग व शूटर रामजी नागर से अलग-अलग और सामूहिक पूछताछ की है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
बेला में शूटरों की अनुराग ने दिलीप की कराई थी पहचान
वहीं, क्राइम सीन के तहत अनुराग ने बेला में शूटरों की दिलीप की पहचान कराई। इसके बाद शूटरों ने बेला से कुछ आगे दिलीप को यह कहकर बुलाया कि नहर पर बिजली के खंभे रखे जाने हैं। हाइड्रा से कितनी लागत आएगी। इस पर एक शूटर उसे जगह दिखाने के लिए पलिया गांव समीप नहर किनारे ले गया।
वहीं, क्राइम सीन के तहत अनुराग ने बेला में शूटरों की दिलीप की पहचान कराई। इसके बाद शूटरों ने बेला से कुछ आगे दिलीप को यह कहकर बुलाया कि नहर पर बिजली के खंभे रखे जाने हैं। हाइड्रा से कितनी लागत आएगी। इस पर एक शूटर उसे जगह दिखाने के लिए पलिया गांव समीप नहर किनारे ले गया।
पुलिस की गिरफ्त में शूटर, प्रेमी और पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
तीनों शूटरों ने दिलीप को मारपीट कर लहूलुहान किया
रास्ते में बारी-बारी दो अन्य शूटरों को भी साथी बताकर बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद नहर किनारे सूनसान जगह पर ले जाकर तीनों शूटरों ने दिलीप को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया, उसे जान से मारने के लिए एक शूटर ने दिलीप के सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी थी। पोस्टमार्टम में 10 घाव और सिटी स्कैन में गोली लगना आया है।
रास्ते में बारी-बारी दो अन्य शूटरों को भी साथी बताकर बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद नहर किनारे सूनसान जगह पर ले जाकर तीनों शूटरों ने दिलीप को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया, उसे जान से मारने के लिए एक शूटर ने दिलीप के सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी थी। पोस्टमार्टम में 10 घाव और सिटी स्कैन में गोली लगना आया है।
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Auraiya Murder
- फोटो : अमर उजाला
खुलासे के बाद शूटरों के खिलाफ हत्या का केस
19 मार्च को दिलीप लहूलुहान मिला था। हालत से अंदेशा यह जताया जा रहा था कि दिलीप के बचने की संभावना कम है। ऐसे में परिजनों ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं प्रगति, अनुराग व तीन शूटरों की संलिप्तता उजागर करने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ाई हैं। जानलेवा हमले की धारा 109 बीएनएस (307 आईपीसी) को हत्या, 103 बीएनएस (302 आईपीसी) में तब्दील किया गया है। इसमें तीनों शूटरों को शामिल किया गया है। वहीं हत्याकांड में संलिप्तता व साजिश के तहत 61-2 बीएनएस (120-बी आईपीसी) में प्रगति व अनुराग को शामिल किया है।
19 मार्च को दिलीप लहूलुहान मिला था। हालत से अंदेशा यह जताया जा रहा था कि दिलीप के बचने की संभावना कम है। ऐसे में परिजनों ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं प्रगति, अनुराग व तीन शूटरों की संलिप्तता उजागर करने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ाई हैं। जानलेवा हमले की धारा 109 बीएनएस (307 आईपीसी) को हत्या, 103 बीएनएस (302 आईपीसी) में तब्दील किया गया है। इसमें तीनों शूटरों को शामिल किया गया है। वहीं हत्याकांड में संलिप्तता व साजिश के तहत 61-2 बीएनएस (120-बी आईपीसी) में प्रगति व अनुराग को शामिल किया है।
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वोटर लिस्ट में अनुराग का नाम मनुज नारायण
- फोटो : अमर उजाला
वोटर लिस्ट में अनुराग का नाम मनुज नारायण
दिलीप यादव की हत्या का आरोपी गांव सियापुर निवासी अनुराग उर्फ बबलू बेहद शातिर बताया जा रहा है। इसका अपने ही गांव के किसी परिवार में आना-जाना नहीं था। न ही किसी से करीबी थी। इसके पिता का भी गांव वालों से ज्यादा मेलजोल नहीं है। गांव के लोग कहते हैं कि अनुराग के गांव में किसी से अच्छे संबंध भी नहीं हैं, जिसकी वजह से ग्रामीण भी इसके परिवार से संबंध नहीं रखते थे।
दिलीप यादव की हत्या का आरोपी गांव सियापुर निवासी अनुराग उर्फ बबलू बेहद शातिर बताया जा रहा है। इसका अपने ही गांव के किसी परिवार में आना-जाना नहीं था। न ही किसी से करीबी थी। इसके पिता का भी गांव वालों से ज्यादा मेलजोल नहीं है। गांव के लोग कहते हैं कि अनुराग के गांव में किसी से अच्छे संबंध भी नहीं हैं, जिसकी वजह से ग्रामीण भी इसके परिवार से संबंध नहीं रखते थे।