कानपुर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के साथ जुड़ी लड़कियों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दो लाख से पांच लाख रुपये मिलते थे। अधिक विश्वास और अच्छी तरह से बातचीत करने वाली युवती को ज्यादा रुपये दिए जाते थे।
यह जानकारी पुलिस के पास भाजपा नेता रवि सतीजा पर रिपोर्ट कराने वाली लड़की से पूछताछ में सामने आई है। उसने अब तक आठ से दस युवतियों और लड़कियों के बारे में बताया है। हालांकि जानकारी देने वाली लड़की को सभी के नाम और पते नहीं पता हैं।
पुलिस ने भाजपा नेता पर आरोप लगाने वाली लड़की के कोर्ट में 164 के बयान भी दर्ज करा लिए हैं। वहीं, पुलिस के पास एक ऐसी युवती का नाम भी आया है जिसने झूठी रिपोर्ट लिखाने के लिए दो करोड़ रुपये लिए थे।
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अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा
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यह जानकारी एसआईटी और अखिलेश दुबे व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वादियों ने दी है। इस युवती के साथ शहर के कई प्रबुद्धजन और जनप्रतिनिधि भी जुड़े हुए थे। उस युवती की तलाश के लिए पुलिस के रडार पर कई प्रबुद्धजन आ गए हैं।
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अखिलेश दुबे
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सीधे कभी अखिलेश दुबे से नहीं मिलती थीं लड़कियां
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उस्मानपुर निवासी लड़की ने शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू, अभिषेक बाजपेई उर्फ प्रियांशु और अखिलेश दुबे के बारे में कई जानकारियां दी हैं। एफआईआर के लिए तैयार की जाने वाली युवतियां और लड़कियां सीधे कभी अखिलेश दुबे से नहीं मिलती थीं।
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अखिलेश दुबे और पूर्व विधायक भूधर नारायण
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एफआईआर के बाद लड़कियों को दी जाती थी सुरक्षा
हमेशा टोनू या प्रियांशु उनको जानकारी देते थे। उनको एफआईआर कराने से पहले कुछ रकम दी जाती थी जबकि बाद में बकाया राशि धीरे धीरे मिलती थी। एफआईआर के बाद युवतियों और लड़कियों को पूरी सुरक्षा भी दी जाती थी।
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अखिलेश दुबे को जेल ले जाती पुलिस
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रवि सतीजा की ओर बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज होते ही सभी लड़कियों को चुपचाप दूसरे शहरों में भेज दिया गया। पुलिस के पास झारखंड के शहरों में होने की जानकारी सामने आई है।