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अपहरणकर्ता सुभाष और रूबी की मौत से पुलिस पर लगे आरोप भी दफन, क्यों लगाया था प्रताड़ना का आरोप

Tue, 04 Feb 2020 02:32 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 04 Feb 2020 02:32 AM IST
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Accusations of police on the death of kidnappers Subhash and Ruby also buried
अपहरणकर्ता सुभाष बाथम - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में 25 बच्चों को बंधक बनाकर पूरे देश में सुर्खियों में रहे करथिया गांव के बदमाश दंपति सुभाष व रूबी की मौत के बाद उसके लगाए आरोप भी दफन हो गए हैं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी इनाम की घोषणा से गदगद हैं। किसी ने भी इन बिंदुओं पर गौर करना जरूरी नहीं समझा कि आखिर सुभाष ने इतना कठोर कदम क्यों उठाया।


 
Accusations of police on the death of kidnappers Subhash and Ruby also buried
इसी घर में बच्चों को बनाया गया था बंधक, चप्पे चप्पे पर सुभाष ने लगाए थे बम - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि सुभाष की मां को आवास मिल चुका था। इसलिए उसे मुख्यमंत्री आवास नहीं आवंटित किया गया। लेकिन शौचालय तो दिया जा सकता था। इस पर अफसर मौन हैं। मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने 30 जनवरी की दोपहर अपनी पुत्री गौरी के जन्म दिन के बहाने बुलाकर करीब 25 बच्चों को घर के तहखाने में बंधक बना लिया था।

 
Accusations of police on the death of kidnappers Subhash and Ruby also buried
छूटने के बाद बंधक बनाए गए बच्चे, अंजली और अपहरणकर्ता सुभाष - फोटो : अमर उजाला
पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे तो सुभाष ने गांव के मुखबिरी करने वाले लालू तिवारी व स्वाट टीम के सिपाही सचेंद्र सिंह, अनुज तिवारी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर इनको बुलाने की मांग की थी। इसके बाद समझाने गए गांव के बालू तिवारी को जब सुभाष ने गोली मार दी तो पुलिस व प्रशासन के होश उड़ गए थे। इसके बाद किसी को भी सुभाष के गेट के सामने नहीं ले जाया गया।

 
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Accusations of police on the death of kidnappers Subhash and Ruby also buried
ग्रामीणों की पिटाई से आरोपी सुभाष की पत्नी की मौत - फोटो : अमर उजाला
इसी दिन रात एक बजे मुठभेड़ में सुभाष को ढेर कर दिया गया। गांव वालों की पिटाई से पत्नी रूबी की भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया। दोनों की मौत के साथ ही उनके लगाए आरोप भी दफन हो गए हैं। शासन ने दस लाख का इनाम देने की घोषणा से पुलिस महकमा खुश है। पुलिस व प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने सुभाष के इस क्रूर कदम के पीछे की वजह जानने की कोशिश नहीं की।

 
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Accusations of police on the death of kidnappers Subhash and Ruby also buried
ईंटों व हथौड़ों से ग्रामीणों ने तोड़ा गेट, बंधक बच्चों को मुक्त कराने में मारा गया सुभाष - फोटो : amar ujala
प्रशासन की ओर से बस इतना बताया गया कि सुभाष को आवास नहीं मिल सकता था। उसकी मां सगुना देवी को आवास दिया जा चुका है। लेकिन शौचालय तो मिल सकता था, वह क्यों नही मिला और इस बिंदु पर अफसरों ने मौन साध रखा है। पुलिस अधीक्षक डा. अनिल मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि उसके आरोप सही थे या गलत।
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