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मकर संक्रांति पर एक विशेष संयोग, स्नान और दान का महत्व, लेकिन मांगलिक कार्यक्रम...
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 14 Jan 2018 08:53 AM IST
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गंगा घाट पर तैयार नाव
- फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति का पर्व रविवार को है। इस दिन दानपुण्य के साथ ही गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इसके अलावा इस दिन भगवान शिव की पूजा करना शुभकारी है। वहीं शनिवार रात तक गंगा में पानी नहीं छोड़ा गया। इससे श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए नाव से उस पार जाना पड़ सकता है।
गंगा घाट
ज्योतिषाचार्य शशिशेखर त्रिपाठी ने बताया कि 14 जनवरी को विशेष पुण्य काल 13.47 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा। इस अवधि में दान आदि का विशेष महत्व रहेगा। इसी दिन 13.15 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक सर्वाथसिद्धि योग है जो दान आदि के लिए अत्यंत शुभ है। जरूरतमंदों को दान करें।
डेमो पिक
आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं पर वर्तमान में शुक्र अस्त चल रहे हैं। इसलिए मांगलिक कार्यक्रम अभी नहीं शुरू होंगे। सूर्य उत्तराषाढ़ नक्षत्र, ध्रुव योग और प्रदोष के दिन दोपहर 2:05 बजे धनु राशि से मकर में प्रवेश करेंगे।
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डेमो पिक
यह एक विशेष संयोग होगा जो सभी राशियों के लिए लाभकारी होगा। मकर संक्रांति के दिन प्रात: काल उठकर पवित्र जल में स्नान करें और तत्पश्चात सूर्य की उपासना करें। तिल का दान करें और तिल को प्रसाद के रूप में ग्रहण भी करें। चावल और काली उड़द की दाल का भी दान करना चाहिए। हो सके तो गरीबों को कंबल और ऊनी वस्त्र भी दान करें।
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डेमो पिक
शहर में वैसे तो गंगा स्नान के लिए कई प्रमुख घाट हैं। सरसैया घाट में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस कारण यहां 60 नाव तैयार हैं, जो श्रद्धालुओं को 10 रुपये में उस पर ले जाएंगी और लाएंगी।