फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Beggar Gang: सात साल में 102 बच्चे हुए लापता, आज तक नहीं लगा सुराग, भिखारी गैंग के चंगुल में फंसने की आशंका

Sun, 06 Nov 2022 06:57 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 06 Nov 2022 06:57 AM IST
विज्ञापन
102 children went missing in seven years in Kanpur
Human Trafficking Case - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में सुरेश मांझी को भिखारी गैंग के हाथों बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या शहर में मानव तस्करी जारी है? क्योंकि पिछले सात साल में शहर से लापता हुए बच्चों (18 साल से कम उम्र के) में से 102 का आज तक कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन उनको तलाश नहीं कर सकी। यह खुलासा स्पेशल जूविनाइल पुलिस यूनिट के आंकड़ों से हुआ है।



इस साल 179 बच्चे हुए लापता, 22 का सुराग नहीं
आंकड़ों के मुताबिक 102 लापता बच्चों में 59 लड़कियां और 43 लड़के हैं। इस साल अब तक (जनवरी से अक्तूबर) शहर में 179 बच्चों की गुमशुदगी दर्ज की गई। 46 बच्चे खुद लौट आए। 111 बच्चों की पुलिस ने तलाश की, जबकि 22 बच्चे अभी भी लापता हैं। इसमें 12 लड़कियां और 10 लड़के हैं।

102 children went missing in seven years in Kanpur
Human trafficking - फोटो : अमर उजाला

हर साल औसतन 14 बच्चों का नहीं लग रहा सुराग
वर्ष 2016 में 112 बच्चे लापता हुए। इनकी गुमशुदगी दर्ज की गई। इसमें से 100 बच्चे वापस आ गए, जबकि 12 बच्चे आज भी लापता हैं। वर्ष 2017 में 84 में 78 लौटे जबकि छह अभी भी लापता हैं। 2018 में लापता हुए 131 में बच्चों में 13 लापता हैं।

102 children went missing in seven years in Kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

2019 में 160 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 20 का सुराग नहीं लगा। 2020 में 80 में 21 व 2021 में 152 में 13 बच्चे लापता हैं। इस साल अब तक 22 बच्चों का सुराग नहीं लगा है। औसतन 14 बच्चे हर साल लापता हो रहे हैं, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
102 children went missing in seven years in Kanpur
Human trafficking - फोटो : अमर उजाला

किसी मुसीबत में तो नहीं बच्चे
भिखारी गैंग का जाल हर शहर में फैला हुआ है। बच्चों का लापता होना बेहद गंभीर मामला है। कहीं ऐसा तो नहीं ये बच्चे भिखारी गैंग की जद में आ गए और वहां फंस गए। इन बच्चों का विवरण स्पेशल जूविनाइल पुलिस यूनिट के रिकॉर्ड में दर्ज है।

विज्ञापन
102 children went missing in seven years in Kanpur
Human trafficking - फोटो : अमर उजाला

फाइल बंद नहीं हुई, जांच जारी
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि कोई भी गुमशुदगी दर्ज की जाती है, तो उसको गंभीरता से लिया जाता है। प्रयास रहता है कि सौ फीसदी रिकवरी हो। जो बच्चे आज तक नहीं मिले हैं, उनकी फाइल बंद नहीं हुई। जांच जारी है। अगर जरूरत पड़ी, तो टीम गठित कर लापता बच्चों की तलाश करने की कोशिश की जाएगी।   

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed