फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

100 रुपये में भारतीय बन जाते थे ये पाकिस्तानी-बांग्लादेशी, कानून पास होते ही मांगी नागरिकता

Thu, 06 Feb 2020 12:02 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Thu, 06 Feb 2020 12:02 PM IST
विज्ञापन
LTV visa residents Pakistanis and Bangladeshis demands Indian citizenship after citizenship act
पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों ने मांगी भारतीय नागरिकता - फोटो : अमर उजाला
बगैर भारतीय नागरिकता हासिल किए पाकिस्तान, बांग्लादेश से आकर वर्षों से गोरखपुर में रह रहे मुस्लिम और हिंदू अब फिक्रमंद हो गए हैं। करीब 50-60 सालों ये लोग लांग टर्म वीजा (एलटीवी) पर रह रहे हैं। अब तक हर साल ये लोग 100 रुपये शुल्क देकर वीजा नवीनीकरण कराते हैं। लेकिन नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद अब सभी ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
LTV visa residents Pakistanis and Bangladeshis demands Indian citizenship after citizenship act
पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों ने मांगी भारतीय नागरिकता - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद एलआईयू की ओर से पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए लोगों को एक बार फिर नागरिकता लेने के लिए नोटिस जारी किया गया है। हिंदू परिवार तो खुश हैं लेकिन मुस्लिम परिवार चिंतित हैं। मुस्लिम परिवारों का कहना है कि अब तक वीजा नवीनीकरण करा लेते थे लेकिन अब तय प्रक्रिया के तहत नागरिकता मांगी गई है।
LTV visa residents Pakistanis and Bangladeshis demands Indian citizenship after citizenship act
पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों ने मांगी भारतीय नागरिकता - फोटो : अमर उजाला
एलआईयू के सीओ जगदीश सिंह ने बताया कि इन लोगों का हर साल वीजा नवीनीकरण होता था। अब सभी ने नागरिकता के लिए आवेदन किया है। नए विधेयक के तहत इसकी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। गोरखपुर में छह पाकिस्तानी और आठ बांग्लादेशी नागरिक रहते हैं। विदेशी मामलों के कामकाज की जिम्मेदारी चंदन सिंह को दी गई है। वह लगातार मानीटरिंग करके रिपोर्ट तैयार करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
LTV visa residents Pakistanis and Bangladeshis demands Indian citizenship after citizenship act
पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों ने मांगी भारतीय नागरिकता - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानी नागरिक
रमादेवी पाठक, सनोरा थाना कैंपियरगंज। यह 1981 में गोरखपुर आई थीं और यहां योगेंद्र पाठक से शादी करके एलटीवी वीजा पर रहती हैं।
बसंत कुमार बढ़िया चौक, पीपीगंज। 1983 में भारत आए थे, और रामादेवी के सगे भाई हैं ।
नाहिद बानो पत्नी दिवंगत अब्दुल मन्ना, इलाहीबाग, तिवारीपुर, 1971 में भारत में आई थीं। एलटीवी वीजा पर रह रही हैं।
निगहत अनीश पत्नी शमीम, जाफरा बाजार, तिवारीपुर। 1983 में आई थीं।
रईसा खातून पत्नी सनाउल्लाह, दुर्गाबाड़ी, कोतवाली। 1959 में गोरखपुर आई थीं। इनकी माता भी आई थी उनका निधन हो गया।
नासिरा खातून पत्नी दिवंगत मोहम्मद फारूख, भटपुरवा घासी कटरा, तिवारीपुर। 1982 में गोरखपुर आईं थीं।
विज्ञापन
LTV visa residents Pakistanis and Bangladeshis demands Indian citizenship after citizenship act
पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों ने मांगी भारतीय नागरिकता - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेशी नागरिक
इशरत फातिमा पत्नी ओबेदुल्ला। निवासी जाफरा बाजार, तिवारीपुर। 1980 में गोरखपुर आईं।
नगमा अजीज पत्नी शहजादे, मोहल्ला मोहनलालपुर, तिवारीपुर। 1979 में गोरखपुर आईं।
मुजाहिद अजीज पत्नी मोहम्मद हाफिज, जंगल तुलसीराम बिछिया। 1979 गोरखपुर आईं।
निगहत अजीज पत्नी आफताब आलम, तुर्कमानपुर, राजघाट। 1979 गोरखपुर आईं।
आसमा आमद पत्नी डॉ इकबाल, तुर्कमानपुर, राजघाट। वर्ष 2009 में गोरखपुर आईं।
शमीम अहमद पत्नी मोहम्मद अबू अयूब, तुर्कमानपुर। वर्ष 2009 में गोरखपुर आईं।
भागीरथी पत्नी दिवंगत राजमल, दुगौली, सिकरीगंज। वर्ष 1971 में आईं।
गणेश प्रसाद, ओझोली, बड़हलगंज। 1982 से गोरखपुर में रह रहे हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed