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Gonda Train Accident: 'खड़खड़ की आवाज...कम हुआ ब्रेक पाइप का प्रेशर', लोको पायलट ने बताई घटना से पहले की कहानी
Sun, 21 Jul 2024 09:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 21 Jul 2024 09:47 AM IST
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Gonda Train Accident
- फोटो : अमर उजाला
गोंडा जिले में बृहस्पतिवार को हुए चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद बयान दर्ज कराने के दौरान लोको पायलटों ने बताया कि मोतीगंज स्टेशन से दोपहर 2:28 बजे स्टार्टर लेटआफ होने के बाद लगभग 25 किमी प्रतिघंटे की गति से रनथ्रू पास किया गया। किमी संख्या 638/12 पर ट्रेन गुजारने के दौरान जोर का झटका लगा। खड़खड़ की आवाज आई, जिससे शक हुआ। आवाज के साथ बीपी प्रेशर कम होने लगा। उस वक्त ट्रेन 80 की गति से चल रही थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाया। पेंटो डाउन किया, लेकिन कई बोगियां पटरी से उतर चुकी थीं। फ्लैशर लाइट जलाकर सहायक लोको पायलट राज को बगल की लाइन की सुरक्षा के लिए भेज दिया।
Gonda Train Accident
- फोटो : एएनआई
संयुक्त रिपोर्ट में निकले ये निष्कर्ष
-रेलवे की संयुक्त टीम ने प्रांरभिक जांच में पाया कि रेलवे ट्रैक की फास्टनिंग ठीक से नहीं की गई थी।
-सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसएसई को दोपहर डेढ़ बजे ट्रैक पर गड़बड़ी मिली, लेकिन स्टेशन मास्टर मोतीगंज को दोपहर 2:28 बजे ट्रेन के गुजरने के बाद दोपहर 2:30 बजे कॉशन का मेमो दिया गया। इसमें 30 किमी. प्रति घंटे की गति से ट्रेन को चलाया जाना था।
-रेलवे की संयुक्त टीम ने प्रांरभिक जांच में पाया कि रेलवे ट्रैक की फास्टनिंग ठीक से नहीं की गई थी।
-सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसएसई को दोपहर डेढ़ बजे ट्रैक पर गड़बड़ी मिली, लेकिन स्टेशन मास्टर मोतीगंज को दोपहर 2:28 बजे ट्रेन के गुजरने के बाद दोपहर 2:30 बजे कॉशन का मेमो दिया गया। इसमें 30 किमी. प्रति घंटे की गति से ट्रेन को चलाया जाना था।
Gonda Train Accident
- फोटो : एएनआई
-कॉशन ऑर्डर मिलने तक साइट पर सुरक्षा व्यवस्थाएं की जानी चाहिए थीं, ऐसा नहीं किया गया। इसके लिए रेलवे इंजीनियरिंग अनुभाग जिम्मेदार है।
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Gonda Train Accident
- फोटो : एएनआई
बयानों से सामने आए ये तथ्य
-एसएसई के बयान के अनुसार दोपहर डेढ़ बजे पटरी पर गड़बड़ी मिली। स्टेशन मास्टर मोतीगंज को दोपहर ढाई बजे कॉशन मेमो दिया गया, जिसमें 30 किमी. प्रतिघंटे की गति सीमा से ट्रेन चलानी थी।
-एसएसई के बयान के अनुसार दोपहर डेढ़ बजे पटरी पर गड़बड़ी मिली। स्टेशन मास्टर मोतीगंज को दोपहर ढाई बजे कॉशन मेमो दिया गया, जिसमें 30 किमी. प्रतिघंटे की गति सीमा से ट्रेन चलानी थी।
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Gonda train accident
- फोटो : एएनआई
-पटरी में दो वेल्डिंग के बीच तनाव बढ़ने से फैलाव आया था, जोकि डाउन ट्रैक के दाहिनी ओर मिला। ट्रेन बेपटरी होने पर बायीं ओर 3.07 मीटर का लाइन का टुकड़ा गायब हो गया। 350 मीटर ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया।