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Hathras Case: मुख्य सेवादार पर नया खुलासा... 11 हजार मानदेय वाले मधुकर ने गांव से सिकंदराराऊ तक बना लिए मकान
Sat, 06 Jul 2024 12:28 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, एटा
अमर उजाला नेटवर्क, एटा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 06 Jul 2024 12:28 PM IST
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Hathras stampede
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ में 122 लोगों की मौत का जिम्मेदार भोले बाबा के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर के भी रहस्य सामने आ रहे हैं। उसकी आय और शान-बान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां मनरेगा में तकनीकी सहायक के रूप में उसे 11 हजार प्रतिमाह मानदेय मिलता था।
मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर
- फोटो : संवाद
इस मानदेय में पैतृक गांव से लेकर सिकंदराराऊ तक कैसे मकान बना लिए, इससे पर्दा उठना बाकी है। क्योंकि सत्संग में निस्वार्थ रूप से सेवा देने का दावा किया जाता है। ब्लॉक अवागढ़ की ग्राम पंचायत सलेमपुर गादुरी के मजरा सलेमपुर का रहने वाला देवप्रकाश सत्संग हादसे का मुख्य आरोपी है।
मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर, साकार हरि बाबा
- फोटो : संवाद
इसके खिलाफ गंभीर धाराओं में थाना सिकंदराराऊ में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की गिरफ्त से दूर होने के बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित हो चुका है। देवप्रकाश ने 2008 में एटा में मनरेगा में तकनीकी सहायक के रूप में नौकरी शुरू की थी। वर्तमान में उसकी तैनाती शीतलपुर ब्लॉक में है। जहां 11 हजार रुपये प्रतिमाह उसका मानदेय है।
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hathras stampede
- फोटो : अमर उजाला
इसमें से कटौती आदि के बाद कुल 8500 रुपये उसके हाथ में आते थे। इस रकम से परिवार का पालन-पोषण करना ही मुश्किल है। लेकिन देवप्रकाश शान-बान के साथ रहता था।
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hathras stampede
- फोटो : अमर उजाला
पैतृक गांव में एक माह पहले ही उसने मकान बनवाया है। जबकि सिकंदराराऊ में एक मकान बनवाकर परिवार सहित रहता है। वहां से नौकरी के लिए एटा का आवागमन भी इसी अल्प मानदेय में किया जाना शामिल है।