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चित्रकूट जेल गैंगवार: खूनी खेल की सीबीआई जांच कराने की मांग, रिटायर्ड आईजी और आरटीआई कार्यकर्ता ने पीएम को लिखा पत्र
Tue, 25 May 2021 12:28 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 May 2021 12:28 PM IST
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चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट में जिला जेल रगौली में गैंगवार पर जबरिया रिटायर्ड आईजी अमिताभ ठाकुर और आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। जबरिया रिटायर्ड आईजी एवं आरटीआई कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर तथा डॉ नूतन ठाकुर ने चित्रकूट जेल में हुई गैंगवार को कथित गैंगवार तथा एनकाउंटर बताते हुए इसकी निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री व यूपी के मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में ऐसे कई कारण बताए, जो प्रशासन द्वारा बताई गई घटना को अविश्वसनीय बनाते हैं। इनमें जेल में अचानक एक फर्स्ट क्लास हथियार आ जाना तथा उस व्यक्ति के पास पहुंच जाना जिसने पूर्व में अपनी हत्या की आशंका जताई हो। प्रशासन को सिर्फ पांच चुने हुए लोग ही गवाह के रूप में मिलना, अंशु दीक्षित द्वारा पूर्व में जेल में जेल प्रशासन तथा एडीजी अमिताभ यश द्वारा अपनी हत्या की साजिश की बात कहना और उसकी मौत वास्तव में लगभग उसी तरीके से होना।
चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
मुन्ना बजरंगी के बाद यूपी में एक ही तरीके से जेल में अपराधियों की संदिग्ध मौत होना और चित्रकूट जेल में सीसीटीवी कैमरे खराब होना शामिल हैं। इसके अलावा मेराज द्वारा घर से भेजे गए ईद के कपडे़ नहीं पहने होना, पोस्टमार्टम में उसका पेट खाली बताया जाना तथा उस समय तक उसकी चमड़ी छिलने लगना इस घटना की रिपोर्ट में दर्शाया समय सुबह 9.55 बजे से काफी पहले होने की ओर इशारा करते हैं। न्यायिक हिरासत में कैद लोगों की मौत को अत्यंत गंभीर बताते हुए अमिताभ ठाकुर व नूतन ने इसकी सीबीआई जांच की मांग की है।
चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
क्या है मामला
14 मई शुक्रवार को जिला जेल में माफिया मुख्तार अंसारी गैंग के शार्प शूटर बंदी अंशू दीक्षित के पास न जाने कहां से विदेशी पिस्टल पहुंची थी और उसने कुख्यात अपराधी आइसोलेट बैरक में बंद मुकीम काला और अपने ही बैरक में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के रिश्तेदार अपराधी मेराज अली की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी।
14 मई शुक्रवार को जिला जेल में माफिया मुख्तार अंसारी गैंग के शार्प शूटर बंदी अंशू दीक्षित के पास न जाने कहां से विदेशी पिस्टल पहुंची थी और उसने कुख्यात अपराधी आइसोलेट बैरक में बंद मुकीम काला और अपने ही बैरक में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के रिश्तेदार अपराधी मेराज अली की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी।
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चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस टीम ने वहां आकर मुठभेड़ कर अंशू को भी मौत के घाट उतार दिया था। देश भर में इस घटना की चर्चा हुई कि आखिर जेल में इतना बड़ा कांड कैसे हो गया। इसकी चार अलग अलग स्तर से जांच हो रही है। मामले में जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल, बंदीरक्षक संजय खरे, बंदीरक्षक हरीमोहन राम व पीएसी जवान अमित कुमार निलंबित किए जा चुके हैं।
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मुकीम, अंशू और मेराज की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने लगातार छह दिन रहकर पूरी जांच की और जांच की प्रथम किश्त पूरी होने पर रिपोर्ट लेकर लखनऊ गए हैं। इसके अलावा न्यायिक जांच, मानवाधिकार आयोग की टीम की जांच व पुलिस टीम की विवेचना चल रही है।