उझानी के कुड़ा नरसिंहपुर की मेंथा फैक्टरी में लगी आग पर 20 घंटे बाद काबू पा लिया गया। अब दमकल कर्मचारियों की ओर से मलबा हटाया जा रहा है। केमिकल होने की वजह से बीच-बीच में आग की लपटे उठने लगती हैं। दमकल कर्मियों ने कहा कि आंधी की वजह से फैक्टरी के अंदर तेजी से फैल गई।
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बदायूं की फैक्टरी में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
कुड़ा नरसिंहपुर की मेंथा ऑयल फैक्टरी में क्रिस्टल बनने का काम होता है। बृहस्पतिवार आई आंधी से रात 10 बजे बॉयलर गिरा और फैक्टरी में आग लग गई। इसके बाद कई धमाके हुए। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए संभल, मुरादाबाद, बरेली, चंदौसी से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। सभी गाड़ियों ने मिलकर बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक आग पर काबू पा लिया।
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बदायूं की फैक्टरी में लगी भीषण आग
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घटनास्थल पर हंगामे की आशंका के चलते मुजरिया, कादरचौक, पुलिस लाइन से पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। एसडीएम सदर मोहित कुमार सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। साथ ही आठ एंबुलेंस वहां खड़ी हैं। बृहस्पतिवार को डीएम अवनीश राय ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि पीड़ितों को मुआवजे की प्रक्रिया एडीएम वित्त एवं राजस्व के स्तर की जा रही है। आग पर काबू पा लिया गया है। केमिकल की आग बीच-बीच में उठ रही है।
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बदायूं की फैक्टरी में लगी भीषण आग
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संजरपुर के मंदिर में कम पड़ी जगह, धर्मशाला में ठहराया
फैक्टरी में आग लगने के बाद पुलिस ने अनहोनी के मद्देनजर पूरे गांव को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की तो ग्रामीण अपने बच्चों समेत पड़ोसी गांवों की ओर निकल पड़े। महिलाओं और बच्चों समेत करीब 250 लोग संजरपुर की ओर कूच कर गए। संजरपुर के अशोक तोमर ने बताया कि कुड़ा नरसिंहपुर से पालका नगला गांव पास में है। बच्चों और महिलाओं समेत जब कई लोग पालका नगला पहुंचे तो उन्हें आश्रय नहीं मिला। यह बात संजरपुर के ग्रामीणों को पता लगी तो मदद के लिए कई लोग सामने आ गए। अशोक समेत गांव के प्रदीप तोमर, आशुतोष, राजू और अरुण तोमर दो-तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पालका नगला पहुंच गए। परेशान महिला-पुरुषों समेत उनके बच्चों को संजरपुर लाकर मंदिर में ठहराया। मंदिर में जगह कम पड़ी तो पास के ही धर्मशाला में ठहराया गया। कुश तोमर ने बताया कि सभी के लिए सोने की व्यवस्था करने के बाद चाय नाश्ता भी कराया गया। इसके बाद भी वह घर और पालतू पशुओं की चिंता में बेचैन रहे।
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उद्यम पोर्टल पर होता है पंजीकरण
उपायुक्त उद्योग अशोक उपाध्याय ने बताया कि जिला उद्योग केंद्र में किसी भी फैक्टरी का पंजीकरण नहीं होता है। उद्यम पोर्टल पर आवेदक आवदेन करता है। इसके बाद भारत सरकार की ओर से उसका पंजीकरण कराया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले में फैक्टरियों के पंजीकरण के बारे में हमारे पास जानकारी नहीं है। मेंथा फैक्टरी का पंजीकरण होने की संभावना जताई है।