बिजनौर जनपद के किरतपुर में जमीन को कब्जा मुक्त करने पहुंची टीम का महिलाओं ने जमकर विरोध किया। इस दौरान महिलाओं ने खूब आंसू बहाए लेकिन, अधिकारियों ने एक न सुनी और जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया।
बताया गया कि मालन नदी पर निरस्त हो चुके पट्टों पर अभी भी कब्जा था। प्रशासन और तहसील की टीम ने अवैध कब्जा धारकों से लगभग 600 बीघा ग्राम समाज की जमीन कब्जा मुक्त कराया। खेत में खड़ी गन्ने और चरी की फसल पर ट्रैक्टर चला कर नष्ट किया गया।
2 of 7
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार की दोपहर नायब तहसीलदार राज कुमार और कोतवाल आरपी सिंह पुलिस फोर्स एवं पीएसी के साथ गांव असगरपुर में मालन नदी पर पहुंचे और पट्टा निरस्त होने पर किसानों के कब्जे से जमीन को कब्जा मुक्त कराया। राजस्व विभाग ने चार ट्रैक्टर चलवा कर खेतों में खड़ी गन्ने व चरी की फसल को खुर्दबुर्द करा दिया।
3 of 7
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
तहसीलदार राज चौधरी ने बताया कि मालन की जमीन पर वर्ष 1983 में श्रेणी 3 आसामी के लोगों के पट्टे हुए थे। वर्ष 2001 में न्यायालय के आदेश पर पट्टे निरस्त हो गए थे। लेकिन पट्टा धारकों द्वारा जमीन को कब्जा मुक्त नहीं किया गया।
4 of 7
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
मालन की जमीन पर खेती कर रहे लोगों का कहना है कि वह 1976 से इस पट्टे की जमीन को जोत रहे हैं। नीलम, ओमवती, हरी सिंह, भूपेंद्र कुमार, विनीत, जयराम सिंह, अतर सिंह आदि ने फसल नष्ट करने पर रोष व्यक्त किया।
5 of 7
रोते हुए विरोध करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना था कि प्रशासन ने जमीन खाली कराने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया, जबकि हमने प्रशासन को भारी मात्रा में भूसा दिया था, जो पटवारी ने इधर-उधर बेच दिया है। इस मौके पर एडीओ बाबूराम सिंह राजबीर सिंह योगेंद्र पटवारी सुभाष पटवारी आदि रहे।