उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दो अप्रैल 2016 की रात को राष्ट्रीय जांच एजेंसी में डिप्टी एसपी रहे तंजील अहमद को हत्यारों ने गोलियां बरसाकर छलनी कर दिया था। तंजील अहमद के शरीर में गोली के घुसने और निकलने के 33 घाव थे, जबकि उनकी पत्नी के शरीर में गोली लगने के छह घाव मिले थे। अत्याधुनिक हथियारों से गोली चलाकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। डिप्टी एसपी के बेटे शाहबाज और बेटी जिमनिश ने सीट के नीचे घुसकर जान बचाई थी। पूरे हत्याकांड को दो मिनट में ही अंजाम दे दिया गया था।
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Tanzeel Ahmed murder: BSC करने AMU गया था मुनीर, अपराध में कर डाली PHD, ऐसे बना था साइको किलर
Tue, 22 Nov 2022 05:15 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 22 Nov 2022 05:15 PM IST
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मुनीर का शव
- फोटो : अमर उजाला
मुनीर अहमद
- फोटो : अमर उजाला
इस सनसनीखेज हत्या के मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। कोर्ट ने मुनीर और रैय्यान को ही दोषी माना। उधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक अफसर की पत्नी समेत हत्या किए जाने का मामला पूरे देश में गूंज उठा था। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक का प्रशासन सक्रिय हो गया था। तंजील अहमद के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के बड़े नेटवर्क और गतिविधियों का खुलासा किया था। ऐसे में उनकी हत्या को लेकर देश भर में चर्चा थी।
मुनीर के शव में इंतजार करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
तंजील हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुनीर और रैय्यान ने गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे किए। इस हत्या का मास्टरमाइंड खुद मुनीर ही था। जांच टीम में शामिल अमित पाठक एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि 12 के बाद मुनीर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एमयू) में बीएससी में दाखिला लिया था लेकिन यहां उसने अपराध में पीएचडी कर डाली।
सबसे करीबी दोस्त आशुतोष मिश्रा संग छात्र गुटों के मामूली झगड़ों से जरायम का सफर शुरू करने वाला मुनीर अब साइको किलर बन चुका था। गिरफ्तारी के बाद जिस अंदाज में उसने टीम के सवालों का जवाब दिए तो उसके हाव-भाव देख सभी दंग रह गए थे। उसने स्वीकार किया कि वह अत्याधुनिक हथियार एके-47 खरीदने जा रहा था, ताकि पश्चिमी यूपी व एनसीआर में अपनी किलिंग मशीन ए-कंपनी का डंका बजा सके।
सबसे करीबी दोस्त आशुतोष मिश्रा संग छात्र गुटों के मामूली झगड़ों से जरायम का सफर शुरू करने वाला मुनीर अब साइको किलर बन चुका था। गिरफ्तारी के बाद जिस अंदाज में उसने टीम के सवालों का जवाब दिए तो उसके हाव-भाव देख सभी दंग रह गए थे। उसने स्वीकार किया कि वह अत्याधुनिक हथियार एके-47 खरीदने जा रहा था, ताकि पश्चिमी यूपी व एनसीआर में अपनी किलिंग मशीन ए-कंपनी का डंका बजा सके।
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मुनीर को जेल ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मुनीर ने पूछताछ में खुलासा किया कि एके-47 खरीदने के मकसद से उसने बिजनौर में 90 लाख रुपया लूटा था। इस बात की भनक तंजील को लग गई और वह उसकी राह का रोड़ा बनता दिख रहा था। इसलिए तंजील को ही मार दिया। मुनीर दक्षिण भारतीय फिल्म गोलमार के मुख्य किरदार के अंदाज में बताता है कि हत्या की वारदात के बाद जो भी उसके रास्ते में आता, उसे गोली जरूर मारता। अब वह बचे या मरे। हर समय पीठ पर बैग, जिसमें हथियारों के साथ-साथ करतूसों का जखीरा रहता था।
मुनीर ने स्वीकारा है कि वह तंजील अहमद की हत्या के बाद गुजरात, नेपाल, दिल्ली, अलीगढ़, लखनऊ आदि शहरों में गया। इस दौरान वह एएमयू में हॉस्टल के अपने पुराने साथियों के बीच रुका और चला गया।
मुनीर ने स्वीकारा है कि वह तंजील अहमद की हत्या के बाद गुजरात, नेपाल, दिल्ली, अलीगढ़, लखनऊ आदि शहरों में गया। इस दौरान वह एएमयू में हॉस्टल के अपने पुराने साथियों के बीच रुका और चला गया।
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मुनीर के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
अमित पाठक के अनुसार मुनीर ने पूछताछ में स्वीकारा था कि वह बेहद महत्वाकांक्षी हो गया था। उसने जब बिजनौर में अपराध शुरू किया तो उसी के गांव से ताल्लुक रखने वाले एनआईए अफसर तंजील अहमद उसके आड़े आने लगे थे। उसके विषय में जानकारियां जुटाने लगे और यहां तक कि उसके दो साथियों को भी पकड़ा गया। बाद में वह छूटे। उसे तंजील से खतरा लगा। इसलिए उन्हें मार दिया।