मुलायम सिंह यादव ने सहकारिता मंत्री रहते हुए बिजनौर की धरती पर पहली बार 30 अप्रैल 1979 को कदम रखा। उस वक्त सहकारिता मंत्री रहते हुए शादीपुर में सहकारी साधन समिति के खाद गोदाम का उद्घाटन किया था। जिसका पत्थर आज भी लगा हुआ है।
Bijnor: नेताजी से जुड़ी कुछ ऐसी यादें, जिन्हें भूल नहीं पाएंगे आप, महिलाओं को बेलन उठाने की दी थी सलाह
मुलायम सिंह यादव अपने साथ कई सफेद धोती लाए थे जो उन्होंने चौधरी रामपाल सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्यों को अपनी ओर से भेंट की। रामपाल सिंह बताते हैं कि आमतौर पर धोती ढाई मीटर की होती है, लेकिन वह धोती पांच मीटर की थी। लगभग तीन घंटे ग्राम शादीपुर में रुके थे। चौधरी रामपाल सिंह बताते हैं कि मुलायम सिंह के आदेश देने के बाद शादीपुर सहकारी समिति में एक सरकारी दुकान खुल गई थी।
रामविलास पासवान के समर्थन में प्रचार को पहुंचे थे हल्दौर
बिजनौर लोकसभा सीट पर 1985 में हुए उपचुनाव के दौरान जनतादल प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री रहे रामविलास पासवान के समर्थन में मुलायम सिंह यादव ने हल्दौर पहुंचकर प्रचार किया था।
नगर के मोहल्ला खेड़ा निवासी स्वर्गीय डॉ. महबूब इकबाल की पत्नी बसरजहां के अनुसार उपचुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव ने रात्रि में उनके आवास पर पहुंचकर विश्राम किया और अगले दिन रामविलास पासवान के समर्थन में चुनावी दौरा किया। लेकिन चुनाव में मीरा कुमार विजयी हो गई थीं।
शराबी पति को काबू में करने के लिए उठा लो बेलन...
शराब पीकर तंग करने वाले पति से परेशान होने की जरूरत नहीं है, अगर उन्हें काबू करने के लिए बेलन उठाना पड़े तो पीछे मत हटना। मेरा समर्थन तुम्हारे साथ है। यह बात मुलायम सिंह यादव ने जनसभा में मौजूद महिलाओं से कही थी। दरअसल 10 दिसंबर 1993 को तत्कालीन विधायक सतीश कुमार गौतम के अनुरोध पर नगीना के हिंदू इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे।
पूर्व विधायक सतीश कुमार गौतम बताते हैं कि जब वह विधायक थे तब मुलायम सिंह यादव से उनके बहुत नजदीकी संबंध रहे। उनके बुलावे पर 1993 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नगीना के हिंदू इंटर कॉलेज में आए थे। उस समय मुलायम सिंह यादव ने नगीना को राजकीय डिग्री कॉलेज भी दिया था लेकिन बाद में पर्याप्त जमीन नहीं मिल पाने के कारण वह नहीं बन सका। कॉलेज के लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो गए थे।
सपा विधायक मनोज पारस का कहना है कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। वह कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव जुबान के बहुत पक्के तथा वायदा निभाने वाले नेताओं में शुमार थे। उन्होंने बताया कि 2009 के लोकसभा चुनाव में जब उन्हें पार्टी ने नगीना लोकसभा से टिकट देकर उनका टिकट काट दिया तो वह इस बात की नाराजगी जताने नेता जी से मिलने लखनऊ गए थे। मुलायम सिंह यादव द्वारा यशवीर सिंह को ही नगीना सीट पर लड़ाने की बात कहने के बाद वह निराश होकर जब उनके आवास से बाहर निकल आए तो नेता जी उन्हें अपने गाड़ी में बिठाकर पार्टी कार्यालय ले गए। उनसे वायदा किया कि यशवीर सिंह को जिताकर भेजो, 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा सरकार बनने पर तुम्हें मंत्री बनाकर इनाम दिया जाएगा। मनोज पारस बताते हैं कि 2012 में मुलायम सिंह यादव ने उनसे किया गया अपना वायदा निभाते हुए उन्हें बिना किसी सिफारिश के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री बनवाया था। विधायक बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव उनके 2007 के विधानसभा चुनाव में तथा 2009 के लोकसभा चुनाव में जनसभा करने नगीना आए थे।
साल 1991 शादी में शामिल होने के लिए आए थे अफजलगढ़
पूर्व विधायक और अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन रहे शेख सुलेमान की शादी में साल 1991 में मुलायम सिंह यादव हेलीकाप्टर से अफजलगढ़ पहुंचे थे। मुलायम सिंह यादव वर्ष 1996 में भी अफजलगढ़ में चुनाव प्रचार करने आए। वहीं द्वारिकेश शुगर मिल के उद्घाटन के कार्यक्रम में भी शामिल होने के लिए अफजलगढ़ आना था, लेकिन किन्ही कारणों से कार्यक्रम रद्द होने के बाद अमर सिंह उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2002 से वर्ष 2006 तक मुलायम सिंह यादव ने शेख सुलेमान से विशेष लगाव रहने के चलते उन्हें सरकार में अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन के रूप में मनोनीत किया।
धामपुर विधानसभा सीट से रहा गहरा लगाव
मुलायम सिंह यादव का धामपुर की धरती से बेहद लगाव रहा है। मुलायम सिंह यादव का धामपुर में तीन बार सपा प्रत्याशी रहे मूलचंद चौहान के समर्थन में चुनावी सभा करने के लिए आना हुआ। अन्य कई बार जब वह अफजलगढ़ या बिजनौर में आए। तभी उनका धामपुर में नौरंगाबाद गांव में स्वागत हुआ।