एनकाउंटर: एनएसजी कमांडो ने सेना से बर्खास्त होते ही खड़ा किया गैंग, 25 किलो सोना लूटकर चर्चा में आया
पुलिस के मुताबिक रंजीत ने अपने गैंग के साथ मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, दिल्ली, हापुड़, सहारनपुर, बागपत, पंजाब व राजस्थान में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। इसमे वह फरार चल रहा है।
राजस्थान के चुरू में 25 किलो सोना व आठ लाख रुपये लूटने के बाद रंजीत अपने साथी अमजद, शादाब व मोहाली के रहने वाले हनीस ठाकुर के साथ फरार हो गया। बदमाशों को यह नहीं मालूम था कि सोने के जो पैकेट उन्होंने लूटे हैं, उनमे चिप लगी थी।
राजस्थान पुलिस चिप की जीपीएस के माध्यम से बदमाशों की लोकेशन लेती रही। हनीस ठाकुर व शादाब को हिसार में पुलिस ने लूटे गए 25 किलो सोने व छह लाख रुपये, चार पिस्टल, एक कार, व चाकू के साथ दबोच लिया था लेकिन रंजीत व अमजद हाथ नहीं लगे और वहां से भाग निकले। इसके बाद ये हिमाचल और उत्तराखंड में छिपे रहे।
21 मार्च को रंजीत, शादाब व अनीस समेत पांच बदमाशों ने अमृतसर में सर्राफ के यहां डाका डाला। अमजद उस समय जेल में बंद था। वह इस घटना में शामिल नहीं रहा। इस डकैती में 30 लाख कीमत का सोना लूटा गया। तब से पंजाब पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस भी रंजीत व अमजद की तलाश में थी। पर ये दोनों पुलिस के हाथ नहीं लग रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाशों पर 30-30 मुकदमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।
पकड़े गए बदमाश अमजद की बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान में ससुराल है। वह ससुराल में खूब आता-जाता है। अमजद के कहने पर ही रंजीत 19 जुलाई को बिजनौर में मुथूट फाईनेंस में सोना लूटने गया था।
दोनों बदमाश बकरीद से पहले रैकी करके गए थे। मुथूट फाईनेंस में विफल होने पर दोनों बदमाश बाइक से हरिद्वार भाग गए। मौके से भागते के बाद रंजीत ने ऐश्वर्य होटल के पीछे अपने कपड़े बदले।
रंजीत ने पुलिस को बताया कि अमजद मालतीनगर में था। वहां से दोनों बदमाश हरिद्वार चले गए। हरिद्वार से मुंबई गए और कुछ दिन मुंबई में रहने के बाद वापस हरिद्वार आ गए।
मंगलवार को दोनों बदमाश बाइक से बिजनौर में अमृतसर की डकैती का लूटा गया सोना बेचने आए थे। सोना बिका नहीं तो वापस सोना लेकर हरिद्वार जा रहे थे। तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रंजीत के पास से बिजनौर की घटना के दौरान पहने लोअर, टीशर्ट व कैप, दोनों पिस्टल बरामद कर ली हैं।