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Bijnor News: एनआरएलएम में एक करोड़ का घोटाला सामने आया
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बिजनौर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में करीब एक करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय पर विदुर ब्रांड के दो आउटलेट बनाने के लिए 34 लाख रुपये खर्च कर दिए गए जबकि इनके भुगतान और टेंडर के कागज ही गायब हैं। अनमोल ग्राम संगठन ने 35 लाख रुपये के लोन की सिर्फ तीन किश्तें चुकाई हैं। वहीं बद्रीनाथ क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में एक ग्राम संगठन को 34 लाख का आवंटित ऋण भी संदेह के दायरे में है।
मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के एडीओ (आईएसबी) महेश शर्मा ने नमामि गंगे सीएलएफ तैमूरपुर दीपा का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएलएफ के कर्मचारियों ने उन्हें दस्तावेज नहीं दिखाए। जांच में नुमाइश ग्राउंड और विकास भवन परिसर में दो आउटलेट का निर्माण कराया गया। नमामि गंगे सीएलएफ ने प्रति आउटलेट के लिए 17 लाख रुपये दिए। दो विदुर आउटलेट के लिए 34 लाख का भुगतान किया गया। मगर, जांच में एस्टीमेट, टेंडर, वित्तीय स्वीकृति, भुगतान आदेश की कोई जानकारी नहीं दिखाई गई। इसके अलावा अनमोल ग्राम संगठन को 18 बार में करीब 35 लाख रुपये का ऋण दिया गया है जबकि, कर्ज वापसी सिर्फ तीन बार ही है।
बद्रीनाथ सीएलएफ ने भी कर्ज वापस नहीं करने वाले संगठन को किया भुगतान
उपायुक्त एनआरएलएम मनोज वर्मा ने बद्रीनाथ सीएलएफ का निरीक्षण किया था। जांच में सामने वित्तीय अनियमितताएं पाई गई। एक ही ग्राम संगठन को कई बार भुगतान किया गया है। जबकि, उसने कर्ज वापस भी नहीं किया। इसके अलावा सीएलएफ के पास पर्याप्त दस्तावेज भी नहीं मिले। इसमें करीब 34 लाख रुपये का भुगतान संदेह के घेरे में है। इस मामले की जांच के लिए भी समिति गठित की जा रही है।
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आउटलेट के उद्घाटन में एक लाख का भुगतान
एडीओ (आईएसबी) की जांच में सामने आया कि नुमाइश ग्राउंड और विकास परिसर में बने आउटलेट का तीन बार उद्घाटन किया गया। इनके उद्घाटन के लिए एक लाख का भुगतान किया गया है। उद्घाटन में अधिकारी भी शामिल हुए। उनके खानपान और आदर-सत्कार के लिए यह भुगतान किया गया है। अब विदुर आउटलेट के नाम पर बंदरबांट का खेल करने पर सवाल उठ रहे हैं।
आवंटित किसी को, आउटलेट चला रहा कोई दूसरा
एडीओ (आईएसबी) को जांच में लेखाकार ने बताया कि आउटलेट निकिता स्वयं सहायता समूह रावली और वैष्णो स्वयं सहायता समूह तरीकपुर रूपचंद को आवंटित हुआ है। जांच में पता चला कि निकिता स्वयं सहायता समूह रावली कोई आउटलेट संचालित नहीं करता। दोनों आउटलेट से ऋण वसूली शून्य है। वित्तीय अनियमितता मिलने पर एडीओ ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
बद्रीनाथ और नमामि गंगे सीएलएफ के निरीक्षण में वित्तीय अनियमितता मिली हैं। जांच के लिए समिति गठित की जा रही है। जांच के बाद साफ होगा कि कितनी वित्तीय अनियमितता की गई है। ....मनोज वर्मा, उपायुक्त एनआरएलएम, बिजनौर
एनआरएलएम के दो सीएलएफ में वित्तीय अनियमितता होने की सूचना है। नमामि गंगा सीएलएफ की जांच डीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्य समिति कर रही है। बद्रीनाथ सीएलएफ की जांच के लिए समिति गठित हो रही है। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। ....रणविजय सिंह, सीडीओ, बिजनौर
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मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के एडीओ (आईएसबी) महेश शर्मा ने नमामि गंगे सीएलएफ तैमूरपुर दीपा का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएलएफ के कर्मचारियों ने उन्हें दस्तावेज नहीं दिखाए। जांच में नुमाइश ग्राउंड और विकास भवन परिसर में दो आउटलेट का निर्माण कराया गया। नमामि गंगे सीएलएफ ने प्रति आउटलेट के लिए 17 लाख रुपये दिए। दो विदुर आउटलेट के लिए 34 लाख का भुगतान किया गया। मगर, जांच में एस्टीमेट, टेंडर, वित्तीय स्वीकृति, भुगतान आदेश की कोई जानकारी नहीं दिखाई गई। इसके अलावा अनमोल ग्राम संगठन को 18 बार में करीब 35 लाख रुपये का ऋण दिया गया है जबकि, कर्ज वापसी सिर्फ तीन बार ही है।
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बद्रीनाथ सीएलएफ ने भी कर्ज वापस नहीं करने वाले संगठन को किया भुगतान
उपायुक्त एनआरएलएम मनोज वर्मा ने बद्रीनाथ सीएलएफ का निरीक्षण किया था। जांच में सामने वित्तीय अनियमितताएं पाई गई। एक ही ग्राम संगठन को कई बार भुगतान किया गया है। जबकि, उसने कर्ज वापस भी नहीं किया। इसके अलावा सीएलएफ के पास पर्याप्त दस्तावेज भी नहीं मिले। इसमें करीब 34 लाख रुपये का भुगतान संदेह के घेरे में है। इस मामले की जांच के लिए भी समिति गठित की जा रही है।
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आउटलेट के उद्घाटन में एक लाख का भुगतान
एडीओ (आईएसबी) की जांच में सामने आया कि नुमाइश ग्राउंड और विकास परिसर में बने आउटलेट का तीन बार उद्घाटन किया गया। इनके उद्घाटन के लिए एक लाख का भुगतान किया गया है। उद्घाटन में अधिकारी भी शामिल हुए। उनके खानपान और आदर-सत्कार के लिए यह भुगतान किया गया है। अब विदुर आउटलेट के नाम पर बंदरबांट का खेल करने पर सवाल उठ रहे हैं।
आवंटित किसी को, आउटलेट चला रहा कोई दूसरा
एडीओ (आईएसबी) को जांच में लेखाकार ने बताया कि आउटलेट निकिता स्वयं सहायता समूह रावली और वैष्णो स्वयं सहायता समूह तरीकपुर रूपचंद को आवंटित हुआ है। जांच में पता चला कि निकिता स्वयं सहायता समूह रावली कोई आउटलेट संचालित नहीं करता। दोनों आउटलेट से ऋण वसूली शून्य है। वित्तीय अनियमितता मिलने पर एडीओ ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
बद्रीनाथ और नमामि गंगे सीएलएफ के निरीक्षण में वित्तीय अनियमितता मिली हैं। जांच के लिए समिति गठित की जा रही है। जांच के बाद साफ होगा कि कितनी वित्तीय अनियमितता की गई है। ....मनोज वर्मा, उपायुक्त एनआरएलएम, बिजनौर
एनआरएलएम के दो सीएलएफ में वित्तीय अनियमितता होने की सूचना है। नमामि गंगा सीएलएफ की जांच डीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्य समिति कर रही है। बद्रीनाथ सीएलएफ की जांच के लिए समिति गठित हो रही है। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। ....रणविजय सिंह, सीडीओ, बिजनौर