बिजनौर में खो-खो की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी रेलवे के मजदूर शहजाद को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। बिटिया के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर गांव आदमपुर में मिली थी, इसके बाद मोबाइल फोन बंद कर दिया गया।
बिटिया के कत्ल का खुला राज: दुष्कर्म में विफल होने पर नशेड़ी युवक ने दिया था वारदात को अंजाम, शरीर पर मिले थे नाखून के निशान
वहीं, सोमवार को ऑडियो को सुनने वाले पुलिस के कुछ अफसरों ने बताया कि ऑडियो में हत्यारा एक बार भी नहीं बोला था। केवल बिटिया की ही आवाज सुनाई दे रही थीं। इसके अलावा ऐसा लग रहा था कि मानो उस समय ट्रेन का इंजन स्टार्ट था। हो सकता है कि ट्रेन के इंजन की आवाज के कारण बिटिया की चीख कोई नहीं सुन सका हो। हालांकि पुलिस ने शक के आधार पर चिन्हित क्षेत्र में लोगों से पूछताछ शुरू कर दी और बिटिया के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाली।
पुलिस ने सोमवार शाम को एक नशेड़ी युवक को हिरासत में ले लिया। इस युवक के घर से एक खून से सनी शर्ट भी बरामद हुई थी। पुलिस ने इस युवक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने वारदात को कबूल करते हुए पूरा सच उगल दिया। आरोपी शहजाद ने दुष्कर्म के इरादे से खिलाड़ी को दबोचा था और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी्र। पुलिस ने आरोपी शहजाद को मीडिया के सामने पेश करते हुए मंगलवार को इस पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
तीन दिन में हत्यारे तक पहुंची पुलिस
पुलिस की जांच टीम सोमवार को ही बिटिया के कातिल के नजदीक पहुंच गई थी। मोहल्ले के कई लोगों से पूछताछ के बाद घटना स्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक रेलवे मजदूर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारा केस सुलझ गया। डीआईजी शलभ माथुर ने सोमवार को कहा था कि इस पूरे प्रकरण की बारीकि से जांच चल रही है। हमारी टीमें केस में सफलता के काफी नजदीक हैं।
डीआईजी और एसपी बिजनौर डॉ. धर्मवीर सिंह सोमवार को घटना स्थल पर पहुंचे थे। वहां पूरी घटना के बारे में जानकारी जुटाई और कौन कहां से आता है और जाता है, इस संबंध में भी पड़ताल की गई। इसके बाद दोनों पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और वहां उन्हें शीघ्र खुलासे का आश्वासन दिया था। हालांकि पुलिस को हत्यारे तक पहुंचने में तीन दिन का समय लगा। वहीं आरोपी शहजाद के परिजनों ने मंगलवार को थाने पहुंचकर हंगामा कर दिया कि उनके बेटे को जबरन फंसाया गया है।