उत्तर प्रदेश के बिजनौर में खो खो की राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी ने हत्या से पहले दरिंदों का विरोध किया और दम तोड़ने तक संघर्ष किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से उनकी मौत होने की पुष्टि हुई है। उनके शरीर पर छह से आठ चोटें आई हैं, एक दांत भी टूटा हुआ था। हालांकि दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, इस संबंध में अंतिम निर्णय पर पहुंचने के लिए स्लाइड जांच के लिए भेजी गई है।
मर्डर: सामने आया राष्ट्रीय खिलाड़ी की हत्या का असली सच, दरिंदों के आगे हार गई थी बिटिया, तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, देखें तस्वीरें
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जल्द गिरफ्तार होंगे हत्यारे: एसपी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कई टीमें हत्यारों की तलाश में लगी हैं। मामला जीआरपी में दर्ज है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द हत्यारे गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
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धारा 302 और 376 में केस, चल रही जांच
जीआरपी प्रभारी सर्वेज खां ने बताया कि हमने परिजनों की तहरीर पर हत्या और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। मामले की जांच चल रही है। आगे कहा कि इस संबंध में और ज्यादा नहीं बताया जा सकता, हम जांच पूरी करने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।
लखनऊ ने तरेरी आंखें तो सक्रिय हुई बिजनौर पुलिस
रेलवे स्टेशन के सामने राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी की हत्या होने के मामले में जब शासन ने आंखें तरेरी तो बिजनौर पुलिस एक्शन में नजर आई। शुरुआती छह घंटे सीमा विवाद में पुलिस उलझी हुई थी। शनिवार को जीआरपी और सिविल पुलिस दोनों ही जांच में जुटे नजर आए। बिजनौर एसपी से लेकर जीआरपी एसपी तक घटना स्थल, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों से बात की। विशेष अभिसूचना इकाई के माध्यम से शासन लगातार इस मामले में जानकारी ले रहा है।
बदमाशों की तलाश के बजाए छह घंटे
राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी के हत्या के बाद पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। घटना का पता चलने के बाद कोतवाली शहर पुलिस और जीआरपी के बीच इसी पर विवाद होता रहा कि घटनास्थल किस थाने क्षेत्र में आएगा, कौन आगे की कार्रवाई करेगी। परिजन भी दोनों थानों के चक्कर काटते रहे। घटनास्थल के थाना क्षेत्र का निर्धारण करने के लिए गूगल मैप की मदद ली गई, इसके बाद जाकर तय हुआ कि घटनास्थल जीआरपी थाना क्षेत्र का है।
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