खो खो की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी युवती ने जिंदगी के हजारों सपने संजोए होंगे लेकिन, कुछ दरिंदों ने चंद मिनटों में ही युवती की दुनिया उजाड़ दी। लाडली का हंसता हुआ चेहरा देख परिवार के भी बहुत सपने थे, जो कि अब अधूरे रह गए। बेटी की हत्या के बारे में पता चला तो परिजन सदमे में आ गए और घर में रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से युवती की मौत होना आया है लेकिन, हत्या का राज आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुलेगा।
तस्वीरें: हंसता हुआ चेहरा और हजारों सपने... पर दरिंदों ने उजाड़ दी दुनिया, मर्डर की दास्तां सुन उड़े हर किसी के होश
जहां युवती की लाश मिली, उसके पास से होकर ही युवती की कॉलोनी के लोग आते जाते रहते हैं। दोपहर करीब दो बजे जब युवती की ताई उधर से गुजरी तो उसने उसे कुछ दूर स्लीपर गार्डर के बीच पड़े देखा। जिसे देखते ही उसके होश उड़ गए। जैसे तैसे उसने परिवार को सूचना दी, तो तुरंत परिजनों के साथ वहां भीड़ लग गई। जहां युवती का शव मिला, उसका बैग भी पास में ही पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना स्थल के पास नशीले इंजेक्शनों के रेपर, सिरींज पड़ी हुई थी। एक टिफिन भी मिलना बताया जा रहा है, जिसमें कुछ खाना भी था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां बैठने वाले कुछ लोगों का हाथ हत्या में हो सकता है। वहीं नशेड़ी भी इस घटना को अंजाम दे सकते हैं।
परिजनों को जब इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। परिजनों की माने तो तब तक लग रहा था कि उसकी सांस चल रही है, वह उसे बीना प्रकाश अस्पताल ले आए। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसकी नाक से खून बह रहा था और एक दांत टूटा हुआ था। उसके साथ रेप या रेप का प्रयास होने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन, रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
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लॉकडाउन में चली गई थी नौकरी, इंटरव्यू देने गई थी
युवती के भाई ने बताया कि बहन जीजीआईसी में संविदा पर खेल प्रशिक्षक थी। कोरोनाकाल में लॉकडाउन लगा तो उसकी नौकरी चली गई। अब उसे जब जरूरत होती थी तो उसे बुला लिया जाता था, लेकिन वह नौकरी तलाश रही थी। वह घर से जीजीआईसी और एक प्राइवेट कॉलेज में इंटरव्यू देने जाने की बात कहते हुए अपने सभी डॉक्यूमेंट लेकर निकली थी। उन्होंने पता किया तो पता चला कि वह डेढ़ बजे इंटरव्यू देकर घर लौट रही थी। घर के पास आने के बाद ही किसी ने इस घटना को अंजाम दिया। युवती अपने चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन की शादी होने के बाद वह अपने ऊपर काफी जिम्मेदारी मानती थी और पिता का हाथ बंटा रही थी। उसके पिता शुगर मिल में राज मिस्त्री का काम करते हैं। इसी से परिवार का गुजारा चलता था।
सीमा विवाद में उलझा मामला
जहां नेशनल खिलाड़ी की हत्या होने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई, वहीं कोतवाली शहर पुलिस और पुलिस अधिकारी सीमा जीआरपी क्षेत्र में होने के चलते जांच के नाम पर खानापूर्ति करते नजर आए। हालांकि डॉग स्क्वायड और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर जरूर पहुंची, लेकिन मामला जीआरपी क्षेत्र का होना बताकर कुछ देर बाद ही वहां से चले आए। हालात यह रहे कि न तो जीआरपी अधिकारी कई घंटे बाद तक इसमें कुछ पड़ताल कर सके और सिविल पुलिस अपना पल्ला झाड़कर वहां से चली आई। डीआईजी शलभ माथुर शुक्रवार को जिले में ही थे। दोपहर के समय मुख्यालय पर कुछ पुलिस अफसरों के साथ बैठके भी हुई। शाम को निरीक्षण हुआ। ऐसे में जहां एक ओर पूरा पुलिस अमला जिला मुख्यालय पर जमा हुआ था, दूसरी ओर राष्ट्रीय खिलाड़ी की हत्या ने सनसनी फैला दी। इस हत्या ने शहर में पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए।