कृषि कानूनों के विरोध में किसान अब भाजपा नेताओं को अपने घरों में किसी भी कार्यक्रम में न्योता नहीं देंगे। इसके लिए गांव-गांव में बैठक आयोजित होंगी। भाकियू पदाधिकारियों को इसके बारे में निर्देश दिया गया है।
भाजपा नेताओं को न्योता नहीं देंगे भाकियू कार्यकर्ता, खाप चौधरी बोले- पहले भाईचारा फिर...
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भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार सरकार ने किसानों की तरफ से आंख मूंद ली हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में कई किसानों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार की संवेदनाएं अब तक नहीं जागी। किसान अपने घर में किसी भी भाजपा नेता व कार्यकर्ता को आमंत्रित नहीं करेंगे। इससे भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को उनकी असलियत बताई जाएगी। दिगंबर सिंह ने बताया कि इसके लिए गांव-गांव सभा की जाएंगी। किसानों पर सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसका संदेश भिजवाया जा रहा है।
खाप चौधरी नहीं रखते नरेश टिकैत के बयान से इत्तेफाक
भाजपा नेताओं को चिट्ठी नहीं देने और उन्हें कार्यक्रमों नहीं बुलाने के बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत के बयान से अन्य खाप चौधरी इत्तेफाक नहीं रखते हैं। गठवाला खाप और कालखंडे खाप के चौधरियों का कहना है कि यह उनका निजी बयान है। आपसी भाईचारा सबसे महत्वपूर्ण है। उधर, बत्तीसा खाप के चौधरी बाबा सूरजमल ने टिकैत के बयान का समर्थन किया है।
अपने हैं सांसद और विधायक : राजेंद्र मलिक
गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक के पुत्र राजेंद्र मलिक का कहना है कि सांसद और विधायक भी हमारे ही बीच के हैं। उन्हें कार्यक्रमों में आने से कैसे रोका जा सकता है। यह सामाजिक ताना-बाना है। जब वे सांसद या विधायक नहीं रहेंगे, तब भी हमारे बीच में रहेंगे। सबसे पहले अपना भाईचारा है।
यह टिकैत का निजी बयान : संजय कालखंडे
कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे का कहना है कि यह बयान चौधरी नरेश टिकैत का निजी है। सब अपने हैं और समाज में ही रहेंगे। समाज में किसी का आना-जाना बंद नहीं किया जा सकता है। किसानों को तो पिछली सरकारों में भी गन्ना भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ा था और अब भी कर रहे हैं। राजनीति तो चलती रहती है। इससे सामाजिक ताने-बाने को खराब नहीं किया जा सकता है।