उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अमानगढ़ जंगल सफारी को शुरू किए जाने का पिछले एक दशक से चला आ रहा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए पर्यटन सत्र का शुभारंभ कर दिया गया। इससे पहले केहरीपुर चौकी पर हवन कराया गया। इसके बाद पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल में प्रवेश दिया गया।
BIJNOR: प्रकृति प्रेमी हैं तो चले आइए अमानगढ़ जंगल सफारी, रोमांचित कर देगी यहां की खूबसूरती
रात में जंगल में घूमे तो करनी पड़ सकती है जेल की सफारी
अमानगढ़ में जंगल सफारी में पर्यटन के लिए केवल दिन में ही अनुमति दी गई है। रात में जंगल में रुकने पर पाबंदी है। वहीं सूर्यास्त के बाद जंगल में रुकने और घूमने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए केहरीपुर चौकी पर समय सारिणी भी चस्पा कर दी गई है।
दो सत्र में जंगल सफारी में घूम सकेंगे पर्यटक
वन विभाग अमानगढ़ में पर्यटन के साथ-साथ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए भी कड़े नियम बना रहा है। वन्य जीवों को परेशानी और नुकसान न हो, इसके लिए पर्यटन केवल दिन के समय ही निर्धारित किया है। नवंबर से मार्च तक शीतकालीन और अप्रैल से जून तक ग्रीष्मकालीन दो भागों में समय को बांटा गया है।
शीतकालीन सत्र में सुबह साढ़े छह से सुबह दस बजे तक, दूसरी शिफ्ट में दोपहर दो से सूर्यास्त तक ही जंगल में घूमने की अनुमति होगी। इसी तरह ग्रीष्मकालीन सत्र में सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक, दोपहर तीन बजे से सूर्यास्त तक पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटकों को फॉलो करने होंगे नियम
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि पर्यटकों को इन नियमों को पता रहे, इसके लिए पूरी सूचना चस्पा कराई गई है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही रात में यदि कोई घूमता है या जंगल में रुकने का प्रयास करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अमानगढ़ में पर्यटन शुुरू करने के लिए जो रेट लिस्ट लगाई गई है, उसमें विदेशियों से दोगुना प्रवेश शुल्क वसूलने का नियम बनाया गया है। केहरीपुर जंगल इको विकास समिति द्वारा जो जिप्सी संचालित की जा रही है, इसके लिए पर्यटकों को 2280 रुपये चुकाने होंगे। वहीं यदि कोई पर्यटक वाहन के साथ प्रवेश करता है तो प्रत्येकसे 300 रुपये प्रति वाहन और 100 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले जाएंगे। विदेशी नागरिक के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये लिए जाएंगे। गाइड के 400 रुपये चुकाने होंगे।