उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर में शारदा नदी के किनारे फैला हरे घास का यह मैदान जितना सब्ज और सुंदर नजर आ रहा है, इसके पीछे की सच्चाई उतनी ही भयावह है। खूबसूरत मैदान के जैसा दिखने वाला यह इलाका किसी मौत के दलदल से कम नहीं है। हरे घास की चादर ओढ़े बैठी यह जमीन असल में भारत नेपाल सीमा से सटा सुतिया नाला है, जो दिखता तो मैदान जैसा है, लेकिन यह दूर तक फैला हुआ दलदल है।
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Sutiya Nala
- फोटो : अमर उजाला
सुतिया नाले का यह दलदल इतना खतरनाक है कि इसकी चपेट में आने वाली कोई भी चीज चाहे वो जानवर हो, गाड़ी हो या कोई इंसान, वह यहां की दलदल जमीन पर एक बार पैर रखता है और लगातार धंसता ही जाता है। यह दलदल कितना गहरा है और कितनी दूर तक फैला है इसका लोगों को कोई अंदाजा नहीं है।
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दलदलनुमा सुतिया नाले में गलती से भी जो चला जाता है उसका बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। आसपास के लोग इस इलाके में जाने से भी बचते हैं। लोगों के बीच इस दलदल के रहस्य को लेकर दहशत फैली हुई है। पिछले दिनों राहुलनगर गांव निवासी अमर सिंह (30) अचानक लापता हो गए थे।
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दो दिनों तक उनका कोई पता नहीं चला। बताया गया कि वह ट्रैक्टर लेकर सुतिया नाले के रास्ते से बरगदिया गांव की ओर गए थे और रास्ते से ही गायब हो गए। उन्होंने अपने ट्रैक्टर के पीछे साईकिल भी बांध रखी थी।
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देर शाम तक वह नहीं लौटा तो किसानों और परिजनों ने ग्रामीणों के साथ तलाश की। शनिवार को भी दिन भर हर तरफ तलाशा गया, लेकिन कुछ पता नहीं लगा। रविवार दोपहर लोगों को दलदल में किसी साइकिल का एक हिस्सा दिखाई दिया। लोगों को शक हुआ कि शायद अमर सिंह ट्रैक्टर के साथ इसी नाले में फंस गए होंगे। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।