भारतीय संस्कृति, धर्म ग्रंथ, ज्योतिष कितने प्रमाणिक हैं, इसका अंदाजा वैदिक पंचांगों से लगाया जा सकता है। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की भविष्यवाणी पंचांगों में एक वर्ष पूर्व ही कर दी गई थी। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्र ने यूरोपीय देशों के बीच युद्ध का कारण अंगारक योग बताते हुए यह दावा किया।
इस समय विक्रमी संवत 2078 के अंतर्गत आनंद नामक संवत्सर चल रहा है। दरअसल इस संवत की शुरुआत मंगलवार को हुई थी। संवत्सर के राजा और मंत्री मंगल हैं। मंगल को ज्योतिष में युद्ध का कारक ग्रह माना जाता है। वर्तमान में मकर राशि में शनि देव पहले से ही विद्यमान हैं। 26 फरवरी को मंगल भी मकर राशि में आ गए। शनि और मंगल की युति से अंगारक नामक योग का निर्माण हुआ। यह योग सात अप्रैल तक रहेगा। यह युद्ध, भूकंप, सीमा पर तनाव की स्थिति को बढ़ाता है। पंचांग में साफ लिखा है कि अंगारक योग यूरोपीय देशों के बीच युद्ध का कारण बनेगा।
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यूक्रेन ने पकड़े रूस के सैनिक
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ज्योतिषाचार्य मिश्र के अनुसार जब ग्रह अपना स्थान बदलते हैं तो दो-तीन दिन पहले ही अपना प्रभाव दिखाने लगते हैं। यही कारण है कि 26 फरवरी को मकर राशि में शनि के साथ मंगल ग्रह पहुंचे। इससे तीन दिन पूर्व ही इन ग्रहों ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया था और यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध 26 फरवरी से तीन दिन पूर्व ही आरंभ हो गया। इसे लेकर सोशल मीडिया पर पंचांगों में लिखा आलेख इन दिनों खूब वायरल हो रहा है।
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यूक्रेन से रवाना होने वाले भारतीय विद्यार्थी।
- फोटो : संवाद
भारत बनेगा शक्ति
पंचांगों की मानें तो आने वाले दिन और भी तनावपूर्ण रहने वाले हैं, जबकि दूसरी ओर भारत की ग्रह स्थिति बेहद मजबूत है। ग्रहों का यह बदलाव भारत के पक्ष में है। इससे भारत विश्व में बड़ी शक्ति बनकर उभरता दिखाई दे रहा है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
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मकर राशि में शनि का प्रवेश कराता रहा है उथल-पुथल
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्र ने बताया कि मकर राशि में शनि का गोचर हमेशा कष्टकारी रहता है। भारत के मामले में अगर गौर किया जाए तो शनि का मकर राशि में प्रवेश हमेशा ही परेशानी वाला रहा है। शनि का मकर राशि में गोचर का असर विश्व में भी देखने को मिलता है। इस गोचर में रोग बढ़ते हैं, युद्ध, अराजकता के साथ महंगाई भी तेजी से बढ़ती है। यह स्थिति 1962 के अलावा 1992-93 में उत्पन्न हुई थी। गत वर्ष 2020 में शनि देव का मकर राशि में प्रवेश करते ही भारत-चीन के मध्य विवाद हुआ था। अब 26 फरवरी, 2022 को शनि के साथ मंगल ग्रह का आना यानी अंगारक योग जान-माल के लिए और ज्यादा घातक होता है। इससे अराजकता के साथ हिंसा, रक्तपात, प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती हैं।