बदायूं जिले में अरिल और रामगंगा नदी में बाढ़ से दातागंज तहसील क्षेत्र के करीब 16 गांवों का तहसील से संपर्क टूट गया है। दो दिन के बाद भी बुधवार को न तो गांव में राहत सामग्री पहुंच सकी न ही स्वास्थ्य विभाग का शिविर लग सका। नदियों से आया पानी अब घरों तक पहुंच गया है। इससे अब घरों के गिरने का भी डर लोगों को सता रहा है। क्षेत्र के करीब 50 हजार लोग भूखे-प्यासे घरों में कैद रहे।
बदायूं में बाढ़ का कहर: 16 गांवों का दातागंज तहसील से संपर्क टूटा, 50 हजार लोग घरों में कैद, 15 स्कूल बंद
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हालात यह है कि अकट समेत जरतोली, सकतपुर, सिमरिया, नवादा बदन, देवचरी, हर्रामपुर, शेरपुर, गढि़या पैगंबरपुर, मेढ़ा गांव में पानी भरा हुआ है। अकट के अमर सिंह और भूरे के मकान की दीवारें अचानक भरभराकर गिर गईं। इससे पानी घर के अंदर घुस गया। अब अन्य घरों से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। ऐसे में उनको भी खतरा बना हुआ है।
15 से अधिक स्कूल बंद
दातागंज क्षेत्र के 15 से अधिक परिषदीय स्कूल अभी बंद चल रहे हैं। इनमें से कई स्कूलों में बाढ़ का पानी आ गया है तो कई स्कूलों का रास्ता ही बंद है। ऐसे में शिक्षक स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह ऐसे स्कूलों का चयन करें, जहां पर शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन स्कूलों के शिक्षकों को पास के गांव जहां पर वह आसानी से पहुंच जाएं, उन विद्यालयों में भेजा जाए।
बाढ़ का पानी सड़क से लेकर खेतों तक भरा है। गांव में बाढ़ का पानी आने की वजह से अब छुट्टा पशु भी परेशान हो गए हैं। उनको चारे का संकट पैदा हो गया है। जरतोली, सकतपुर, सिमरिया के ग्रामीणों ने बताया कि अब यह पशु बाढ़ की वजह से बंद पड़े हाईवे को अपना आशियाना बनाए हुए हैं।
दातागंज क्षेत्र में कुछ समय पहले बाढ़ आई से धान की पौध पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। बाढ़ का पानी जाने के बाद में जैसे-तैसे ग्रामीणों को अपने जीवन-यापन को जारी रखने के लिए दोबारा से बाजरा, तिल, उर्दू आदि खरीफ की फसल बोई थी। चूंकि अब खरीफ की बोआई का सीजन निकल गया है। इसी बीच में दोबारा से बाढ़ आ गई और किसानों की अब फिर से फसल नष्ट हो गई है।