बरेली जिले में अमर उजाला की टीम ने बुधवार को सरकारी स्कूलों की पड़ताल की तो कई स्कूल भवन जर्जर मिले। कहीं छत से पानी टपक रहा था तो कहीं दीवारों की दरार से खतरा झांक रहा था। कहीं शिक्षकों की तादाद कम मिली।विशेष संचारी रोग नियंत्रण मुहिम भी स्कूलों तक नहीं पहुंची। कुछ स्कूलों के परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं, जहां बारिश में विषधर (सांप) और मच्छरों के लार्वा पनपने की आशंका है। विभागीय अधिकारी कोरम पूरा कर रहे हैं। उनके पास निरीक्षण के लिए भी वक्त नहीं है। इन तमाम खतरों के बीच बच्चे पढ़ाई करते मिले। हालांकि वह भी छत गिरने की आशंका से सहम जाते हैं।
ये कैसी पाठशाला: टपकती छत... दीवारों की दरार से झांकता है खतरा, तस्वीरों में देखिए सरकारी स्कूलों की दशा
अजीत प्रताप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 31 Jul 2025 08:28 AM IST
सार
जर्जर भवन, झड़ता प्लास्टर, दीवारों में दरारें और बेंच के अभाव में टाट-पट्टी पर बैठे नौनिहाल... यही है बरेली जिले के सरकारी स्कूलों की तस्वीर। विद्यार्थी छत गिरने के डर से सहमे रहते हैं। इन्हीं चिंताओं के समाधान के लिए आज से शुरू हो रहा है हमारा विशेष अभियान ये कैसी पाठशाला। पढ़िए पहली रिपोर्ट...।
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